यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही पशुलोक बैराज से गरुड़चट्टी तक तीर्थयात्री और पर्यटक नौका विहार का मजा ले सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से गंगा नदी में मोटर बोट चलाने की संभावना तलाशने और इसकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही सिंचाई विभाग और एनआईएच रुड़की इसके लिए सर्वे शुरू करेगा।
नगर निगम में सभागार में बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि यदि पूरे साल भर पशुलोक बैराज से गरुड़चट्टी तक गंगा नदी में मोटर बोट का संचालन किया जाएगा तो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा। इस पर सिंचाई विभाग नरेंद्रनगर के अधिशासी अभियंता कमल सिंह ने बताया कि जून माह में ग्लेशियरों के पिघलने के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। बरसात में गंगा नदी में लकड़ी की सिल्ली, पेड़ के तने और मलबा तक बहकर आता है। इसलिए जून से सितंबर तक गंगा नदी में मोटर बोटर का संचालन नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि अक्तूबर माह से गंगा का जलस्तर काफी कम हो जाता है। इसलिए अक्तूबर से जून तक गंगा में मोटरबोट का संचालन किया जा सकता है। सिंचाई विभाग के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि गंगा में मोटर बोट का संचालन करने के लिए राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की के विशेषज्ञों से मदद ली जा सकती। उसके बाद ही मोटर बोट के संचालन को शुरू किया जाए सकता है।