ग्राम पंचायतों के लिए राज्य वित्त की धनराशि की व्यवस्था समाप्त करने के विरोध में मंगलवार को ग्राम प्रधान संगठन मुखर हो गया। प्रधानों ने सरकार विरोधी निर्णय की आलोचना की। डोईवाला विधायक हीरा सिंह बिष्ट को ज्ञापन देकर प्रधानों ने अपनी पीड़ा को व्यक्त की।
मंगलवार को राज्य वित्त की धनराशि जिला और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के देने के विरोध में ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले एकत्रित क्षेत्र के तमाम ग्राम प्रधानों ने ब्लाक मुख्यालय पर धरना और प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष धीरज भंडारी ने कहा कि सरकार ने राज्य वित्त से मिलने वाली धनराशि की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।
इससे ग्राम विकास की प्रक्रिया ठप्प हो जाएगी। सरकार ग्राम प्रधानों की उपेक्षा कर रही है, जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। प्रधान पूर्णानंद तिवारी ने कहा कि राज्य वित्त नहीं मिलने से गांव में छोटे विकास काम नहीं हो पाएंगे।
प्रदर्शनकारियों ने डोईवाला विधायक हीरा सिंह बिष्ट को ज्ञापन देकर बताया कि ग्राम पंचायतों को मिलने वाली धनराशि की व्यवस्था समाप्त कर संविधान का उल्लंघन किया गया है। मौके पर प्रधान गीता देवी, उमा देवी, वंदना देवी, गीता सावन, नरेंद्र नेगी आदि तमाम प्रधान मौजूद थे।
बैठक स्थगित होने से क्षेत्र पंचायत सदस्य नाराज
क्षेत्र पंचायत डोईवाला की मंगलवार को प्रस्तावित बैठक स्थगित होने से क्षेत्र पंचायत सदस्यों का पारा गरम हो गया। सदस्यों ने खंड विकास अधिकारी डोईवाला को पत्र देकर अवगत कराया कि अधिकांश सदस्यों को बैठक के बारे में सूचना नही दी गई, जिससे कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक स्थगित करना पड़ गया।
मंगलवार को डोईवाला क्षेत्र पंचायत की बैठक में शामिल होने आए कई सदस्यों ने बैठक स्थगित होने पर गहरा रोष जताया। मुख्य विकास अधिकारी आलोक पांडे और प्रशिक्षु आईएएस बीडीओ विनीत तोमर के समक्ष नाराजगी का इजहार किया। अठूरवाला क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह नेेगी ने बताया कि विभागीय स्तर से बैठक के संबंध में पर्याप्त सूचना नही दी गई।
इससे बीडीसी मेंबर नहीं आ सके। जौलीग्रांट के पंकज रावत ने कहा कि उन्हें मंगलवार की सुबह फोन से सूचना दी गई । क्षेत्र पंचायत सदस्य मोहन चौहान, कोमल देवी, शिवानी, दरपान सिंह वोहरा आदि ने खंड विकास अधिकारी से मामले की जांच करने की मांग की है।