ढालवाला। कांवड़ यात्रा अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचने के साथ ही तीर्थनगरी पूरी तरह शिवभक्ति और भगवा रंग में सराबोर हो गई है। आगामी 11 तारीख को महाशिवरात्रि का मुख्य पर्व है, जब तक शिवभक्तों को नीलकंठ महादेव मंदिर में पवित्र गंगाजल अर्पित करना है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय पर जल चढ़ाने की होड़ में मोटरसाइकिलों पर लहराते भगवा झंडों और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ हजारों डाक कांवड़िये लगातार पहुंच रहे हैं।
घाटों पर भक्ति का सैलाब
पूर्णानंद घाट, वनप्रस्थ घाट और परमार्थ गंगा घाट पर तड़के से ही शिवभक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। 11 तारीख को जलाभिषेक की समय-सीमा को देखते हुए श्रद्धालु तेजी से गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर और पवित्र गंगाजल भरकर नीलकंठ धाम के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।
नीलकंठ पैदल मार्ग पर अटूट आस्था
बाग खाला से नीलकंठ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा हुआ है। 11 तारीख तक मंदिर पहुंचकर शिवजी पर जल चढ़ाने की ललक में लंबी-लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मार्ग में जगह-जगह लगाए गए भंडारों में शिवभक्तों के विश्राम और भोजन-प्रसाद की उत्तम व्यवस्था की गई है।
जानकी सेतु पर यातायात का भारी दबाव
रामझूला पुल सुरक्षा कारणों से बंद होने के कारण इस बार जलाभिषेक के लिए बढ़ रहे कांवड़ियों का पूरा दबाव जानकी सेतु पर आ गया है। वहीं बजरंग सेतु पर दोपहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित होने से गरुड़ चट्टी और जानकी सेतु मार्ग पर वाहनों तथा पैदल श्रद्धालुओं की खासी चहल-पहल बनी हुई है।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
महाशिवरात्रि 11 तारीख के पावन अवसर पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जो सुरक्षा और सुगम आवाजाही पर लगातार नजर बनाए हुए है।