तीर्थनगरी को सुंदर सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में मंगलवार को ऐतिहासिक कदम उठाया गया। विद्युत व्यवस्था को मजबूत और हाई-टेक करने के लिए वीरभद्र मार्ग पर विद्युत विभाग की आरडीएसएस योजना का विधिवत शुभारंभ किया गया। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और मेयर शंभु पासवान ने विभागीय अधिकारियों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया।
लगभग 357 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के तहत शहर को बिजली के तारों के जाल से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। योजना के अंतर्गत कोयल घाटी में एक अत्याधुनिक नया विद्युत सब-स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में कुल 262 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइनों को जमीन के नीचे भुमिगत बिछाया जाएगा, जिसमें 33 केवी की 48 किलोमीटर, 11 केवी की 103 किलोमीटर और एल.टी. लाइन की 111 किलोमीटर लाइनें शामिल हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि यह परियोजना ऋषिकेश के कायाकल्प में मील का पत्थर साबित होगी। शहर की सड़कों और गलियों में दिखने वाले बिजली के लटकते तारों का जाल खत्म होने से ऋषिकेश का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाएगा। इसके साथ ही, भूमिगत केबलिंग से बिजली आपूर्ति में आने वाली रुकावटें खत्म होंगी और निर्बाध पावर सप्लाई मिलेगी। सबसे खास बात यह है कि इससे हादसों का खतरा खत्म होगा और बिजली चोरी पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी। इस दौरान अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना, उपखंड अधिकारी गुरदीप सिंह, अपर अभियंता श्याम सुंदर मौजुद रहे।