मोतीचूर रेंज वन्य जीव के शिकार मामले में हुई कार्रवाई में वन कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल वन विभाग की टीम ने इस मामले में आरोपी राजकुमार के साथ उसकी पत्नी को भी पकड़ा था। दोनों को वन विभाग की चौकी में लाकर मीडिया के समाने पेश किया गया था, लेकिन इसके बाद महिला को छोड़ दिया गया।
इतने संवेदनशील मामले में आरोपी महिला को छोड़ने पर बीट इंचार्ज की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के तुरंत बाद रेंज अधिकारी आलोकी दो दिन की छुट्टी पर चली गईं। इसी बीच इस मामले में यह खेल हो गया। इस संबंध में जब बीट अधिकारी सुरेंद्र जोशी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आरोपी महिला की तबियत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके कारण उसे छोड़ दिया गया। जबकि नियमों के मुताबिक आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था। इस मामले में पार्क निदेशक साकेत बडोला का कहना है कि इस मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।