डोईवाला विधानसभा के पहाड़ी क्षेत्रों से सड़क नहीं तो वोट नहीं की आवाज और बुलंद होती जा रही है। अब नाहीकला के ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं को लेकर अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन प्रशासन को दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से लेकर अब तक नाहीकला में सड़क नहीं बन पाई है। जिससे उनकी और आसपास की पंचायतों से लगातार पलायन हो रहा है। प्रत्येक चुनाव में सड़क बनाने के वादे किए जाते हैं। लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्या पर कोई भी ध्यान नही देता है।
नाहीकला के प्रधान देवेंद्र दत्त ने कहा कि ग्रामीण आजादी के बाद से लेकर अब तक सिंधवाल गांव पुल से नाहीकला तक छह किलोमीटर मार्ग और सतेली स्कूल से रैठवाण गांव तक आठ किलोमीटर मार्ग बनाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनकी समस्या पर ध्यान नही दिया गया है। ये दोनों मार्ग पहाड़ी इलाकों को काटकर पूरी तरह नए बनने हैं। ग्राम पंचायत में सड़क नहीं तो वोट नहीं को लेकर प्रस्ताव भी पास किया जा चुका है।वहीं इस संबंध में एक ज्ञापन डोईवाला प्रशासन को दिया गया है। कहा कि यदि उनकी समस्या पर ध्यान नही दिया गया तो वो आगामी लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। ज्ञापन में जितेंद्र, जयराज सिंह, दिनेशचंद, घनश्याम, स्वरूप तिवाडी आदि के हस्ताक्षर हैं।