क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेले के दूसरे दिन सुरों की महफिल सजी, जहां स्कूली बच्चों की प्रतिभा और लोक गायिकी का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले के मंच पर आयोजित एकल और समूह गायन प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। वहीं लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला के दूसरे दिन का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनि की रेती-ढालवाला के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान ने किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं व ओपन प्रतिभागियों के मध्य एकल, सामूहिक गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।
इसके बाद देर रात तक लोकगायक विनोद बिजल्वाण के गीत दैणा हो यां खोली का गणेशा, घंटाकर्ण स्तुति, विवेक नौटियाल के गीत रम्म झम्मा, द्यो लगी, रूप कू मंत्र, रमेश उनियाल, अनीशा रांगड के गीत छल कपट, सपना स्याली, शिवानी नेगी के गीत माया लगोलू, बिरजु सुनार, तुम्हारी खुद मां की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में समां बांधा। गढ़वाली गीतों पर दर्शक झूमते रहे।
इस अवसर पर समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण, सभासद विनोद खंडूड़ी, ब्रिजेश गिरी, लक्ष्मण भंडारी, गजेंद्र सजवाण, स्वाति पोखरियाल, विनोद सकलानी, क्रेजी फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष डिमरी, धर्मेंद्र नेगी, अशोक क्रेजी आदि उपस्थित रहे।