मैदानी क्षेत्र में बढ़ रहा कोहरा पहाड़ की ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा है। इसका असर तीर्थनगरी आने वाली रेलगाड़ियों पर पड़ रहा है। लगातार लेट चल रही बांदीकुई पैसेंजर शुक्रवार को भी करीब छह घंटे देरी से पहुंची। इसके चलते शाम को ऋषिकेश से हरिद्वार जाने वाली एचआर भी रद्द हो गई।
ऐसे में लोकल सवारियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे साधनों से लौटना पड़ा। वहीं तीर्थाटन व अन्य स्थानों के लिए सफर करने वाले रेल यात्री भटकते रहे। बांदीकुई पैसेंजर दोपहर रोजाना 2:10 बजे ऋषिकेश पहुंचती है। यही ट्रेन (एचआर) ऋषिकेश से हरिद्वार बनकर चलती है।
शुक्रवार को बांदीकुई पैसेंजर करीब छह घंटे विलंब से ऋषिकेश पहुंची। इसके कारण शाम 7:25 बजे ऋषिकेश से हरिद्वार जाने वाली लोकल ट्रेन कर दी गई। ट्रेन रद्द होने से लोकल सवारियां किसी तरफ बसों और विक्रम के जरिए अपने गंतव्य को रवाना हुए, लेकिन तीर्थाटन व अन्य स्थानों के लिए सफर करने वाले यात्री इधर-उधर भटकते रहे।
स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा ने बताया कि बांदीकुई पैसेंजर ही शाम को हरिद्वार जाती है। उन्होंने बताया कि मैदानी क्षेत्र में घने कोहरे के चलते बांदीकुई पिछले तीन दिन से विलंब से पहुंच रही है। आगे भी समय से पहुंचने की कम संभावना है।