ऋषिकेश। उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण उत्पन्न भीषण आपदा में अनेक लोगों को जानमाल की क्षति हुई है। कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, आधारभूत संरचना को नुकसान पहुंचा है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। परमार्थ निकेतन ने इस त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परमार्थ गंगा आरती पीड़ितों को समर्पित की।स्वामी चिदानंद सरस्वती ने विदेश प्रवास से भेजे अपने संदेश में कहा कि उत्तरकाशी में घटी यह घटना हृदय विदारक है। यह पीड़ा केवल एक भौगोलिक आपदा नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की संवेदना को झकझोरने वाली घटना है। उन्होंने देशभर के नागरिकों, संस्थाओं और संगठनों से आग्रह किया कि वे इस संकट की घड़ी में उत्तरकाशी के प्रभावितों के सहयोग के लिए आगे आए। संवाद