श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के नवें दिन दो लाख से अधिक श्रद्घालुओं ने नीलकंठ महादेव मंदिर में शीश झुकाया और जलाभिषेक कर पुण्य कमाया। समूचा मणिकूट पर्वत बोल बम और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा और तीर्थनगरी केसरिया रंग में रंगी नजर आई। देर शाम तक जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा।
बुधवार तड़के से ही रेल, बस और अन्य यातायात सेवा से कांवड़िएं तीर्थनगरी पहुंचे। पैदल मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम क्षेत्र का रुख किया। मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाकर और गंगाजल लेकर नीलकंठ धाम की ओर रवाना होते रहे।
नीलकंठ पैदल मार्ग पर देर शाम तक शिवभक्तों की चहल कदमी रही। नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े श्रद्घालु बारी बारी से जल चढ़ाते रहे। सांध्य कालीन आरती के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। फिर जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर समिति अध्यक्ष धन सिंह राणा ने बताया कि नौ दिन के अंदर नीलकंठ में जलाभिषेक करने वालों की संख्या 12 लाख के पार हो गई है। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। चप्पे चप्पे पर तैनात पुलिस कर्मी संदिग्धों पर निगाह रखे हुए थे।