यमकेश्वर। सिंदूड़ी गांव में कुल देवता और देवी पूजन केवल एक पूजन नहीं है, बल्कि यह गांव की मिट्टी से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। यमकेश्वर विकासखंड में हर साल सैकड़ों प्रवासी शहरों से अपने घर आते हैं। यमकेश्वर विकासखंड के प्रत्येक गांव के व्यक्ति नौकरी और रोजगार के लिए पलायन कर चुके हैं। हर तीन साल के अंतराल में पूजन के लिए चंडीगढ़ से अपने गांव सिंदूड़ी लौटे राकेश भट्ट ने बुधवार को बताया कि प्रत्येक वर्ष देवी पूजन में गांव लौटना होता है। पूजन के दौरान ग्रामीणों से मिलने का मौका मिल जाता है। सिंदूड़ी गांव में वर्तमान समय में केवल पांच मकानों के ताले ही खुले हैं। स्थायी रूप से पलायन कर चुके लगभग 30 घरों में ताला लटका रहता है। वर्ष 2018 में फल्दाकोट से सिंदूड़ी गांव तक लगभग पांच किमी सड़क का निर्माण हुआ। तब तक गांव के 48 परिवार पलायन कर चुके थे। वर्तमान समय में रोशन लाल भट्ट, मणि राम भट्ट, सूरज भट्ट, राजेंद्र बेलवाल और सतीश भट्ट का परिवार ही गांव में निवासरत हैं। संवाद