नीलकंठ धाम में पौड़ी जिला पंचायत पौराणिक तीर्थयात्रियों से बिना विकास और सुविधाओं के डेवलपमेंट टैक्स वसूली रही है। पंचायत का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम में शौचालयों का निर्माण किया गया है। लिहाजा बतौर डेवलपमेंट चार्ज प्रति वाहन 20 रुपये टैक्स वसूला जा रहा है। लेकिन धाम में बने उक्त शौचालयों का इस्तेमाल करने वाले सैलानियों से पांच रुपये शुल्क अलग से वसूला जा रहा है। जो लोग इसे देने से इनकार करते हैं, उनको शौचालय का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाता है।
जिला पंचायत नियम-कायदों की किस हद तक अनदेखी कर रही है, इसका उदाहरण नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में देखा जा सकता है। खास बात यह है कि जिला पंचायत की यह मनमानी पौड़ी प्रशासन की मूक सहमति से चल रही है। पंचायत की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2014-15 में दो टॉयलेट और यूरिनल ब्लॉक और वर्ष 15-16 में एक टायलेट ब्लॉक बनाया गया। लिहाजा इस सुविधा के लिए पंचायत लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मार्ग पर गरुड़चट्टी में प्रति पर्यटक वाहन 20 रुपये टैक्स ले रही है।
लेकिन यहां टैक्स अदा करने के बाद नीलकंठ दर्शन को पहुंचने वाले यात्रियों से इन्हीं शौचालयों के उपयोग करने पर पांच रुपये प्रतिव्यक्ति अलग से वसूली हो रही है। इससे बाखबर जिला प्रशासन का कहना है कि जिला पंचायत डेवलपमेंट चार्ज ले सकती है। लेकिन एक ही सुविधा की एवज में दो बार शुल्क वसूली का जवाब प्रशासन के पास भी नहीं है।
पार्किंग का इस्तेमाल नहीं होने से लगता है जाम
धाम में जिला पंचायत की वर्षों पुरानी एक पार्किंग है। जिसमें श्रावण यात्रा को छोड़ दें तो कभी वाहन पार्क नहीं होते। जबकि बीते वित्तीय वर्ष तक पंचायत पीपलकोटी-नीलकंठ मुख्य मार्ग पर धाम आने वाले वाहनों से पार्किंग शुल्क के नाम पर शुल्क वसूलती रही है।
मामला सामने आने पर इस वित्तीय वर्ष के लिए इसका टेंडर कॉल नहीं किया गया, जिससे यात्रियों को राहत तो मिली। लेकिन उक्त पार्किंग में आज भी यात्री वाहनों को पार्क नहीं कराया जा रहा है। लिहाजा शिवालय दर्शन को जाने वाले लोगों के वाहन सीधे मंदिर के समीप तक पहुंच रहे हैं। अत्यधिक संकरी सड़क के दोनों ओर वाहनों के पार्क होने से यहां अक्सर जाम लगा रहता है।
समिति के सदस्य बोले किया था विरोध
पंचायत की ओर से नीलकंठ विकास समिति का गठन किया गया है। इसमें क्षेत्र के ग्राम प्रधान, बीडीसी मेंबर, जिला पंचायत सदस्य आदि जनप्रतिनिधि बतौर सदस्य शामिल हैं। भादसी के बीडीसी सदस्य धन सिंह राणा, तोली नीलकंठ के प्रधान रविंद्र नेगी आदि ने बताया कि टैक्स वसूली के मामले में उनसे राय नहीं ली गई। एक बैठक में टैक्स लगाने की चर्चा के दौरान इसका विरोध किया गया था। फिर भी मनमानी की गई। राणा ने बताया कि पंचायत ने यहां टॉयलेट्स के अलावा कोई विकास नहीं किया। ऐसे में एक चीज के लिए दो बार शुल्क कैसे लिया जा सकता है।
माल वाहनों पर भी टैक्स
पंचायत ने इस क्षेत्र में संचालित होने वाले माल वाहनों पर भी लदान-ढुलान टैक्स प्रति वाहन 30 रुपये लगाना शुरू कर दिया है। जिसका असर सीधे रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर पड़ रहा है। लिहाजा स्थानीय नागरिक और यहां आने वाले सैलानी महंगे दामों में वस्तुएं खरीदने को विवश हैं।
इनका कहना है
यात्री वाहनों से डेवलेपमेंट चार्ज के रूप में टैक्स लिया जा रहा है। शौचालय के लिए अलग से शुल्क भी लिया जा रहा है। कारण, जल संस्थान यहां निशुल्क कनेक्शन नहीं दे रही है। शौचालय के लिए अलग से पानी मंगाना पड़ता है। इसीलिए डबल चार्ज वसूलना मजबूरी है। रही बात पार्किंग में वाहन पार्क कराने की, तो यह कार्य पुलिस प्रशासन का है।
मनवर सिंह राणा, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत पौड़ी