जर्मन बैंक केएफडब्ल्यू के वित्तीय सहयोग से ऋषिकेश शहर व आसपास के क्षेत्र में इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट (एकीकृत विकास) योजना के कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यदायी एजेंसी की धीमी कार्यगति पर नगर निगम ने नाराजगी जताई।
योजना के तहत शहर में चंद्रभागा नदी के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा तटबंधों का आस्था पथ की तर्ज पर सौंदर्यीकरण, आईएसबीटी परिसर में बहुमंजिला भवन और 400 बसों की भूमिगत पार्किंग निर्माण के साथ ही नगर निगम क्षेत्र के चार वार्डों में सीवर लाइन विस्तार कार्य किया जाना है।
नगर निगम सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में 1800 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई गई। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का सर्वे कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
नगर आयुक्त ने एजेंसी से एक सप्ताह के भीतर परियोजनाओं से संबंधित लिखित विवरण, अनुमानित लागत और कार्य प्रारंभ की निश्चित तिथि प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। केएफडब्ल्यू जर्मन बैंक की ओर से वित्तपोषित 1800 करोड़ रुपये की परियोजनाएं ऋषिकेश, मुनि की रेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम जोंक क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं।
मेयर शंभू पासवान ने एजेंसी के अधिकारियों को शहर के प्रमुख तंग चौराहों और तिराहों के तत्काल विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा सीजन से पहले चंद्रभागा पुल तिराहा, नटराज चौक, दून तिराहा और घाट चौक का विस्तार हर हाल में पूरा होना चाहिए। जिससे यात्रा के दौरान लगने वाले जाम से जनता को निजात मिल सके। बैठक में नगर पालिका मुनि की रेती ढालवाला की ईओ अंकिता जोशी, ईओ अंजलि रावत, ईओ दीपक शर्मा, जतिन सैनी, दीपेंद्र सिंह, संजीव कुमार, अनीता जैन आदि उपस्थित रहे।