ऋषिकेश। एम्स में एम्स एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ से जुड़े नर्सिंग अधिकारियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि एम्स प्रशासन से वार्ता का आश्वासन मिलने पर आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों ने भूख हड़ताल शुरू नहीं की। एम्स प्रशासन पर पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर लागू न किए जाने का आरोप लगाते हुए संगठन से जुड़े नर्सिंग अधिकारी डीपीसी निरस्त किए जाने और नई डीपीसी के लिए कमेटी गठित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
एम्स एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ से जुड़े करीब 300 से अधिक नर्सिंग अधिकारी सोमवार से कार्य बहिष्कार पर हैं। एसएनओ प्रवीन भंडारी ने बताया कि एम्स प्रशासन ने एसएनओ से एएनएस पदों पर पदोन्नति के लिए बीते 10 अक्तूबर को डीपीसी आयोजित की। लेकिन इस डीपीसी प्रक्रिया के दौरान आरक्षण रोस्टर लागू नहीं किया गया। जिससे आरक्षित वर्ग के करीब 53 नर्सिंग अधिकारी व 11 एसएनओ पदोन्नति से वंचित रह गए। भंडारी ने बताया कि एम्स प्रशासन ने मंगलवार को वार्ता का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कोई वार्ता नहीं की गई है। आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा। एम्स के पीआरओ डॉ.श्रीलॉय मोहंती ने बताया कि आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। प्रयास है कि जल्द मामले को सुलझा दिया जाए।