वन विभाग की टीम बंदरों को पकड़ने में नाकाम रही है। ऐसे में अब महकमे ने बंदर पकडने के लिए मथुरा के एक्सपर्ट से करार किया है, जिसेे प्रति बंदर तीन सौ रुपये का भुगतान किया जाएगा। हफ्ते भर के भीतर एक्सपर्ट और उनकी टीम तीर्थनगरी पहुंच जाएगी। उम्मीद है कि अब शायद लोगों बंदरों के आतंक से निजात मिल जाए।
ऋषिकेश वन रेंज के ग्रामीण क्षेत्र अमित ग्राम, गुमानीवाला, खैरीखुर्द, लक्कड़घाट, इंदिरानगर, नेहरूग्राम, शहरी क्षेत्र आदर्शग्राम, आशुतोषनगर, आवास विकास कॉलोनी, प्रगति विहार में उत्पाती बंदरों का आतंक है। इन क्षेत्रों के लोग आए दिन रेंज कार्यालय पहुंचकर बंदरों की समस्या निजात दिलाने की गुहार लगाते हैं। विभाग पिंजरे लगाकर बंदर पकड़ता है। लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस रहती है। इसके अलावा पकड़े गए बंदर जंगल में छोड़े जाने की वजह से बंदर वापस आबादी क्षेत्र में आ जाते थे। पर अब वन विभाग उत्पाती बंदरों को पकड़ने के बाद हरिद्वार के चिड़िय़ापुर स्थित बाड़े में छोड़ा जाएगा।
एक हजार से अधिक हैं बंदर
वन विभाग के मुताबिक 2015-16 के आंकड़ों के मुताबिक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र, जिसमें जंगल भी शामिल हैं यहां करीब एक हजार से अधिक बंदर हैं। जबकि 29 लंगूर हैं।
डॉयल करें
यदि आपके क्षेत्र में बंदरों का आतंक है तो आप वनक्षेत्राधिकारी के मोबाइल नंबर 9627119387 पर सूचना दें। सूचना के बाद बंदर पकडने वाली टीम आपके क्षेत्र में पहुंचेगी।
बंदर पकडने के लिए मथुरा के एक्सपर्ट जावेद अली से एक महीने का करार किया गया है। 20 हजार रुपये का अग्रिम भुगतान किया जा चुका है। पूरी टीम के साथ यहां बंदर पकड़ने का कार्य करेंगे।
गंगासागर नौटियाल, वनक्षेत्राधिकारी