नैनीताल हाई कोर्ट ने गंगा के प्रतिबंधित दायरे में कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा अनाधिकृत तरीके से दुकानों के निर्माण के मामले में जनहित याचिका के आधार पर राज्य सरकार, जिला प्रशासन समेत संबंधित विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने जवाब दाखिल करने के लिए फरवरी तक का समय दिया है।
गौरतलब है कि बैराज मार्ग स्थित ऋषिकेश कृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से करीब छह महीने पहले 21 दुकानों का निर्माण कराया गया था। निर्माण स्थल गंगा के दो सौ मीटर के प्रतिबंधित दायरे में आता है। जिसमें उच्च न्यायालय ने किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई हुई है।
इस मामले में पूर्व में ऋषिकेश के जन सरोकार मोर्चा संगठन की ओर से आंदोलन भी किया जा चुका है। मोर्चा के आंदोलन के बाद हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने कृषि मंडी समिति को निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, प्राधिकरण ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
गंगा के प्रतिबंधित दायरे में सरकारी निर्माण के विरोध में जन सरोकार मोर्चा के संयोजक रामकृपाल गौतम ने बीते 17 दिसंबर को उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए बीते 21 दिसंबर को न्यायालय की दो सदस्यीय खंडपीठ ने राज्य सरकार, प्रमुख सचिव कृषि, जिलाधिकारी देहरादून, सचिव हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, एसडीएम ऋषिकेश और अध्यक्ष-सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले में इन लोगों से फरवरी तक जवाब मांगा गया है।