नटराज चौक अब इंद्रमणि बडोनी चौक के नाम से जाना जाएगा। नगर निगम के अभिलेख मेें इसे दर्ज कर लिया गया है। रविवार को मेयर अनिता ममगाईं समेत क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों संग ढोल दमाउ की थाप के बीच वैदिक मंत्रोच्चार संग विधिवत रूप से स्व. इंद्रमणि बडोनी की 10 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया।
हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों से प्रतिमा का अनावरण किया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं पहुंच सके। कार्यक्रम के लिए तेज बारिश में भी लोगों में गजब का उत्साह बना रहा। इसके बाद नटराज होटल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि तीर्थनगरी के इस चौक का राज्य आंदोलन अपना स्थान रहा है। स्व. इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के लिए इससे उपयुक्त स्थान न होता।
इस मौके पर डोईवाला एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान, एमएनए चतर सिंह चौहान, राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल, नगर पालिका मुनिकीरेती अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, जयेंद्र रमोला, ओमगोपाल रावत, राजपाल खरोला, पार्षद राकेश मियां, चेतन चौहान, विरेंद्र रमोला, शकुंतला शर्मा, राजकुमार अग्रवाल, हितेंद्र पंवार, सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, सहायक अभियंता आनंद मिश्रवाण, मेजर गोविंद रावत आदि मौजूद रहे।
छोटे भाई की पत्नी को किया सम्मानित
ऋषिकेश। कार्यक्रम के दौरान स्व. इंद्रमणि बडोनी के छोटे भाई की पत्नी सुशीला बडोनी को सम्मानित भी किया गया। मेयर अनिता ममगाईं और पार्षद राकेश मियां ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया।
ट्रचिंग ग्राउंड शिफ्टिंग को लेकर किया प्रदर्शन
ऋषिकेश। मुख्यमंत्री के आने की सूचना पर परशुराम चौक पर ट्रचिंग ग्राउंड शिफ्टिंग की मांग को लेकर धरने पर बैठे जागृति एक प्रयास संस्था के सदस्य इंद्रमणि बडोनी चौक पहुंच गए। यहां उन्होंने हाथों में स्लोगन लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी विकास अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के न आने से वह मायूस हैं। प्रदर्शनकारियों में अरविंद हटवाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गौरव राणा आदि उपस्थित रहे।
सीएम के न आने पर मायूस लौटे कृष्णानगर निवासी
ऋषिकेश। आईडीपीएल के समीप स्थित कृष्णानगर कॉलोनी को नगर निगम में शामिल करने की मांग पिछले काफी समय से बनी हुई है। मुख्यमंत्री के आने की सूचना पर रविवार को इन्हीं मांगों को लेकर कृष्णानगर कॉलोनी के दर्जनों निवासी भी इंद्रमणि बडोनी चौक पहुंचे। लगातार हो रही बारिश मेें भी वह बैनरों के साथ चौक पर डटे रहे, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री के न आने से उन सभी को मायूस लौटना पड़ा।