केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद के फैसले के बाद पुराने नोटों को बैंक में बदलने और एटीएम से पैसे निकालने के लिए लोग मंगलवार को भी कतार में खड़े नजर आए। सरकार के आदेश के बाद भी बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बैंक व एटीएम में अलग लाइन की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी ऋषिकेश के बैंकों और एटीएम से पैसे लेन-देन के लिए बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के लिए अलग लाइन की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते बुजुर्गों और दिव्यांगों को लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ा। सुबह से ही एसबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी आदि बैंकों, एटीएम में लोगों की भीड़ के बीच महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों को कतार में लगना पड़ा। इस संबंध में बैंक अधिकारियों से पूछा जाने पर उन्होंने कार्य में व्यस्त होने की बात कही। हालांकि, बाद में एचडीएफसी बैंक के उप प्रबंधक प्रशांत वर्मा ने अमर उजाला की बात का संज्ञान लेते हुए बुजुर्गों, दिव्यांगों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की। एटीएम और बैंक से पैसे के लेन-देन को कतार में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों ने अपनी बात इस प्रकार रखी।
बैंकों में लेन-देेन के लिए बुजुर्गों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था नहीं की गई। जबकि सरकार ने बुजुर्गों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था करने को कहा गया है। - मनीराम बर्थवाल, पौड़ी गढ़वाल
महिलाओं और पुरुषों की एक ही लाइन होने से लोगों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग लाइन में बीड़ी, सिगरेट पी रहे हैं। जो ठीक नहीं है। - मंजू कपूर, श्रीनगर
मेरा नंबर आने से पहले ही एटीएम में पैसे खत्म हो गए। लाइन में खड़ा रहने से पैरों में दर्द होने लगा, तो लाइन के पास ही बैठ गया। बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए अलग लाइन नहीं है। - एमके शर्मा, ऋषिकेश
सभी कर्मचारी ग्राहकों की मदद के लिए काम कर रहे हैं। बैंक में कम जगह होने से अलग लाइन बनाने में समस्या हो रही है। उचित व्यवस्था करके बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं के लिए अलग लाइन की व्यवस्था कर दी जाएगी। - पारीतोष धस्माना, शाखा प्रबंधक एचडीएफसी ऋषिकेश
बैंकों में छोटे नोटों की किल्लत
बैंकों में छोटे नोट जमा नहीं होने से अब बैंको को भी किल्लत झेलनी पड़ रही है। डोईवाला में कई बैंको में लोगों को निर्धारित संख्या से कम पैसे लेने पड़े। नोटबंदी के सप्ताह भर बाद मंगलवार को डोईवाला में महज ओबीसी बैंक का एटीएम ने काम किया।सौ के नोट लोग जमा नहीं कर रहे है। जबकि बैंको के पास जो नोट है वह बैंक खुलने के कुछ घंटो बाद ही खत्म हो रहे है। ऐसे में डोईवाला में बैंको की कई शाखाओं ने लोगों को कम धनराशि देकर सभी का काम चलाने का प्रयास किया। बैंक ऑफ बडौदा ने नोट बदलने और कैश निकालने पर महज दो हजार की रकम दी। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी व्यवस्थाओं को बनाने में पसीना बहाना पड़ रहा है। मंगलवार को केवल ओबीसी की डोईवाला शाखा का एटीएम ही चला जिससे लोगो को आंशिक राहत मिली।