त्रिवेणी घाट पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को गला तर करने के लिए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। तीर्थयात्री या तो प्यासे लौट रहे हैं या बोतल बंद पानी खरीद कर पी रहे हैं। भीषण गर्मी में इस अव्यवस्था के लिए यात्री और स्थानीय लोग पालिका को कोस रहे हैं। नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं टपक रही है।
बढ़ती गर्मी के साथ चारधाम यात्रियों और पर्यटकों की संख्या में भी आए दिन बढ़ोतरी हो रही है।
भारी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु रोजाना त्रिवेणी घाट पर गंगा स्नान और दर्शन को पहुंच रहे हैं। लेकिन नगरपालिका ऋषिकेश की उदासीनता के चलते लोगों को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लिहाजा यात्रियों को विवश हो कर बोतल बंद पानी से हलक तर करने पड़ रहे हैं। सार्वजनिक नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं टपक रही है।
चारधाम के दौरान यात्रियों को बेहतर पेयजल की सुविधा के लिए पालिका को लाखों का बजट आवंटित हुआ है। लेकिन पालिका अपनी जिम्मेदारी के प्रति उदासीन बनी हुई है। घाट पर सफाई व्यवस्था भी लड़खड़ाने लगी है। जगह-जगह खाद्य सामग्री के खाली रैपर, प्लास्टिक की खाली बोतलें बिखरी पड़ी है। यह आलम तब है, जब यात्रा सीजन में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पालिका ने अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की है।
स्थानीय निवासी राजेश पुरोहित, कमल अरोड़ा ने बताया कि पिछले तीन दिनों से त्रिवेणी घाट के सार्वजनिक नलों में पानी नहीं आ रहा है। पालिका अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी उन्होंने इस तरफ रुख नहीं किया।
त्रिवेणी घाट पर सार्वजनिक नलों से पानी की आपूर्ति नहीं होने की समस्या संज्ञान में नहीं आई है। विभागीय कर्मियों को वहां भेजकर समस्या समाधान कर लिया जाएगा। आगे इस तरह की समस्या न आए इसके लिए व्यवस्था पर बराबर नजर बनी रहेगी। - वीपीएस चौहान, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका ऋषिकेश