खारा स्रोत गंगा तट पर स्थानीय राफ्ट संचालक खुलेआम टिहरी प्रशासन के नियम कानूनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रतिबंध होने के बावजूद भी गंगातट पर बेरोकटोक अनधिकृत रुप से वाहन खड़े किए जा रहे हैं। सबकुछ देखने के बाद भी टिहरी प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय तमाशबीन बना हुआ है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के तहत गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए टिहरी प्रशासन ने एक मई को मुनिकीरेती स्थित खारास्रोत गंगातट पर अनधिकृत रुप से वाहन खड़े करने पर रोक लगा दी थी। इसके लिए नगरपालिका मुनिकीरेती ने बकायदा गंगा तट पर जाने वाले मार्ग पर लोहे के खंभे लगा दिए थे। करीब दो सप्ताह तक राफ्ट संचालकों ने नियम कानूनों का पालन किया।
लेकिन अब राफ्ट संचालक चोर रास्ता अपनाकर अपने वाहनों को सीधे गंगातट पर खड़ा कर यात्री और पर्यटकों को ढोने का काम कर रहे हैं। राफ्ट संचालकों की मनमानी से मोक्ष दायिनी गंगा दूषित हो रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन की मिलीभगत के चलते राफ्ट संचालकों को हौसले बुलंद हैं। रोजाना अधिकारी इस मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन वह भी आंख मूंदकर यहां से निकल जाते है। कुछ दिनों तक वाहनों का आवागमन बंद कर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का संदेश शासन तक पहुंचा दिया।
इनका क्या है कहना
मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा है तो संबधित विभाग को निर्देशित कर समस्या का समाधान किया जाएगा। यदि कोई वाहन वहां पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - केके मिश्रा, उपजिलाधिकारी, नरेंद्रनगर टिहरी।
गंगातट पर जाने वाले रास्ते पर खंभे लगा दिए थे। अब पता नहीं राफ्ट संचालक अपने वाहनों को कहां से गंगा तट पर घुसा रहे हैं। यदि ऐसा है तो जल्द ही वाहनों को गंगातट पर जाने से रोका जाएगा। - शिवमूर्ति कंडवाल, अध्यक्ष नगरपालिका मुनिकीरेती