साहसिक खेल राफ्टिंग व्यवसाय का जिम्मा वन निगम को सौंपे जाने पर भड़के राफ्ट संचालकों ने हाईवे पर सांकेतिक जाम लगाकर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। फैसले के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को गंगा में राफ्टें नहीं उतारने की चेतावनी दी है।
रविवार को मुनिकीरेती, कैलासगेट स्थित क्रांति चौक पर एकत्रित हुए राफ्ट संचालकों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अनाप शनाप कायदे कानून बनाकर स्थानीय युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेलने में आमादा है। राफ्टिंग व्यवसाय को वन निगम के हाथों में सौंपना इसी मंशा को उजागर करता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार के दावे करती है, वहीं ठेका प्रथा को जन्म देकर युवाओं का शोषण कर रही है। राज्य सरकार प्रशिक्षित लोगों को बेरोजगार कर उत्तराखंड से पलायन कर बाहरी लोगों को निमंत्रण दे रही है। उन्होंने चेताया कि सरकार ने स्थानीय बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं कराए तो राफ्ट व्यवसायी एकजुट होकर चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में धर्मेंद्र नेगी, भूपेंद्र नौटियाल, वीरेंद्र चौहान, योगेश बहुगुणा, देवेंद्र रावत, विक्रम कोठियाल, दिनेश भट्ट, जितेंद्र बर्त्वाल, अनुभव पयाल, हुकुम रावत, वेदप्रकाश मैठाणी, विनोद पांडेय, दीपक शाह, विमल शर्मा, लक्ष्मण सेंगर, मुकेश पैन्युली, अखिलेश यादव, सुनील कुमार, हरिकृष्ण, पंकज रावत, रामपाल भंडारी, भूपत, राजीव रस्तोगी, संजीव आदि शामिल थे।