अर्द्धकुंभ के पहले स्नान के लिए बाहरी प्रांताें से श्रद्धालुओं ने उम्मीद के अनुसार तीर्थनगरी का रुख नहीं किया। मकर संक्रांति के दिन रेलवे स्टेशन पर सन्नाटे जैसा माहौल रहा। स्थिति यह रही कि स्टेशन पर ना यात्री आए और ना ही कोई नई ट्रेन चलाई गई।
रोडवेज बस अड्डे पर भी सामान्य दिनों की तरह निर्धारित रूटों पर ही बसों का संचालन हुआ। बृहस्पतिवार को गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत को प्रशासनिक अमला एकदम तैयार नजर आया। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और त्रिवेणी घाट पर सफाई व्यवस्था चाक चौबंद रही।
सुरक्षा के मद्देनजर सार्वजनिक स्थानों, मुख्य तिराहों और चौराहों पर संदिग्धों पर निगरानी के लिए सीमा सशस्त्र बल और पीएसी के जवान तैनात रहे। पेयजल के लिए श्रद्धालुओं की आमद वाले स्थान में पानी के टैंकरों की व्यवस्था रही। अलबत्ता तमाम इंतजाम के बावजूद बाहरी प्रांतों से श्रद्धालु तीर्थनगरी नहीं पहुंचे।
रेलवे स्टेशन पर सुबह ट्रेनों की आवाजाही के दौरान कुछ चहल पहल रही। लेकिन दोपहर बाद स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया। इक्का दुक्का दैनिक यात्री ही नजर आए। रेल कर्मियों ने बताया कि पैसेंजरों की संख्या सामान्य दिनों की तरह ही रही। भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
रेलवे स्टेशन पर अर्द्धकुंभ की रौनक नजर नहीं आई। पहले स्नान पर भी रोजमर्रा की तरह स्थिति बनी रही। रुटीन की ट्रेनों का संचालन हुआ। अर्द्धकुंभ के लिए विशेष ट्रेन नहीं चली। स्टेशन पर तीर्थयात्री आए ही नहीं। अब वसंत पंचमी को दूसरे स्नान पर तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है।-मनोज सिंह, स्टेशन मास्टर
टिकट के करनी पड़ी भागदौड़
अर्द्धकुंभ में स्टेशन पर टिकट के लिए यात्रियों में मारामारी नहीं हो, इसके लिए 10 अतिरिक्त टिकट काउंटर की व्यवस्था की गई। स्नान के पहले दिन प्लेटफार्म पर खोले गए टिकट काउंटर को संचालित किया गया, लेकिन अतिरिक्त कर्मचारियों की आमद नहीं होने से आरक्षण केंद्र में कार्यरत कर्मियों की ड्यूटी अतिरिक्त टिकट काउंटर पर लगाई गई।
ऐसे में दैनिक यात्री हरिद्वार, सहारनपुर और अंबाला रूट के टिकट लेने आरक्षण केंद्र पहुंचे। जहां बताया गया कि टिकट अतिरिक्त काउंटर से ही मिलेंगे। ऐसे में दैनिक यात्रियों को टिकट के लिए भागदौड़ करनी पड़ी।