केंद्र और प्रदेश सरकार भले ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कितना ही प्रयास कर रही हो, लेकिन धरातल पर विभागीय जिम्मेदार अधिकारी इसे पलीता लगा रहे हैं। बुकंडी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का बदहाल भवन इसका उदाहरण है। यहां नौनिहाल जान जोखिम में डालकर सुनहरे भविष्य का सपना संजो रहे हैं।
यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा बुकंडी में राजकीय प्राथमिक विद्यालय है। वर्तमान समय में इस विद्यालय में करीब 14 बच्चे अध्ययनरत हैं। वर्ष 1962 में बुकंडी के ग्रामीण और तत्कालीन शिक्षकों ने श्रमदान से टिन शेड के रूप में यहां विद्यालय बनवाया था। तब यहां चार कमरे और एक बरामदा बनाया गया था। इससे पहले यहां एक बेडू के पेड़ के नीचे विद्यालय संचालित होता था। बाद में विद्यालय के लिए भवन स्वीकृत हुए। अगस्त 2023 में आपदा के कारण विद्यालय का भवन क्षतिग्रस्त हो गया। विद्यालय की दीवार और छत में जगह-जगह दरारें आ गई हैं।
बरसात के दिनों में लगभग सभी कमरों में पानी टपकता है। हर समय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और अध्यापक दहशत में रहते हैं। ग्रामीण सतेश्वर जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल में वर्ष 2022 में इसकी शिकायत भी की थी। उसके बाद संबंधित विभाग को इस पुरानी भवन के निष्प्रोजन के लिए आदेश पारित हुए थे। मगर एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह भवन जस का तस खड़ा है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ममता बर्थवाल ने बताया कि दोनों ही भवन जर्जर हालत में हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। हम विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं। मगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
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Iजल्द ही विद्यालय भवन का निरीक्षण कराया जाएगा। जर्जर भवन के निष्प्रोजन की प्रक्रिया की जाएगी। - रमेश सिंह तोमर, खंड शिक्षा अधिकारीI