शारदीय नवरात्र पर व्रती लोगों ने घर और मठ मंदिरों में कलश स्थापित कर नवरात्र शुरू किए। विधि विधान के साथ व्रती लोगों ने हरियाली बोयी। पहले दिन भक्तों ने शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। सुबह से लेकर शाम तक मठ मंदिरों में माता के भजन गूंजते रहे। कीर्तन मंडली के महिलाओं ने माता के भजनों की प्रस्तुतियां देकर माता की पूजा अर्चना की।
रविवार को त्रिवेणी घाट समेत लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनि की रेती, तपोवन, रायवाला और श्यामपुर क्षेत्र के गंगा घाट और तटों पर गंगा जल लेने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। भद्रकाली, सोमेश्वर मंदिर, वीरभद्र महादेव, चंद्रेश्वरनगर, तारामाता मंदिर, गंगा मंदिर, गोपाल मंदिर, कात्यायनी मंदिर आदि मठ मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने मंदिरा में प्रसाद के रूप में माता की मूर्ति के समीप फल, श्रीफल, मेवा आदि का प्रसाद चढ़ाया। शाम ढलते ही शैलपुत्री की पूजा अर्चना कर व्रती लोगों ने उपवास तोड़ा।