जौलीग्रांट। हिम्स (हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज), जौलीग्रांट में एमबीबीएस के नए बैच के छात्र-छात्राओं के लिए व्हाइट कोट सेरेमनी आयोजित की गई। समारोह में विद्यार्थियों ने चिकित्सा सेवा में समर्पण, करुणा और मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। समारोह का शुभारंभ डॉ. स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। डीन डॉ. ए. शरीफ ने कहा कि सफेद कोट जिम्मेदारी, विश्वास, सेवा, ईमानदारी, अनुशासन और करुणा का प्रतीक है। डॉक्टर के लिए डिग्री से अधिक महत्वपूर्ण सेवा भाव है।
महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ. विजेंद्र चौहान ने कहा कि व्हाइट कोट सेरेमनी डॉक्टर बनने की यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक चिकित्सा ज्ञान के साथ मानवीय संवेदनाएं और नैतिक मूल्य अपनाने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य डॉ. रेनू धस्माणा ने कहा कि सफेद कोट विद्यार्थियों को हमेशा याद दिलाएगा कि उनके हाथों में मरीज का जीवन और उसके परिवार की उम्मीदें हैं। फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ आभा श्रीवास्तव, डॉ अनुराधा कुसुम आदि उपस्थित रहे।