मां गंगा की जयंती गंगा सप्तमी के पावन पर्व पर तीर्थनगरी में हजारों लोगों ने मोक्षदायिनी में पवित्र डुबकी लगाई। इस अवसर पर श्रद्घालुओं ने पितरों को तर्पण, सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और ब्राह्मणों, भिक्षुओं को भोजन, वस्त्र का दान देकर पुण्य कमाया।
बृहस्पतिवार को गंगा सप्तमी स्नान पर्व पर तीर्थनगरी में हजारों श्रद्घालुओं ने गंगा स्नान किया। इस अवसर पर उन्होंने मां गंगा का पूजन अभिषेक किया। पर्व विशेष पर ब्रह्ममुहूर्त से ही नदी तटों पर स्नानार्थियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। इस दौरान त्रिवेणीघाट, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला, तपोवन आदि क्षेत्रों में श्रद्घालुओं ने पतित पावनी में मोक्ष की डुबकी लगाई। साथ ही पितरों को तर्पण दिया और भगवान भास्कर को अर्घ्य चढ़ाया।
पर्व पर श्रद्घालुओं ने ब्राह्मणों, गरीबों को अन्न, वस्त्र, भोजन और दक्षिणा दान देकर धर्म कमाया। नदी तटों पर स्नान, दान, तर्पण और पूजन का सिलसिला ब्रह्ममुहूर्त से दोपहर बाद तक जारी रहा। ज्योतिषाचार्य पंडित जयकृष्ण शास्त्री ने बताया कि बैसाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर गंगा सप्तमी पर मां गंगा का प्राकट्य हुआ था। जबकि गंगा दशहरा पर मां गंगा राजा भगीरथ के तप के उपरांत धरती पर अवतरित हुई थी। उन्होंने बताया कि गंगा दशहरा पर्व इस साल 14 जून को पड़ेगा।
गंगा सभा ने किया मां गंगा का दुग्धाभिषेक
ऋषिकेश। गंगा सप्तमी पर्व पर गंगा सभा की ओर से मोक्षदायिनी गंगा की विशेष आरती आयोजित की गई, साथ ही गंगा मां का दुग्धाभिषेक किया। इस अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में गायक कलाकारों ने आध्यात्मिक प्रस्तुतियों के जरिए मां गंगा का गुणगान किया। इस दौरान श्रद्घालु श्रोताओं ने भजन प्रस्तुतियों में संगत दी। इस अवसर पर राहुल शर्मा, धीरेंद्र जोशी, विनय उनियाल, हर्षवर्धन शर्मा, रामकृपाल गौतम, रवि शास्त्री, वेदप्रकाश शर्मा आदि मौजूद थे।