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निगम क्षेत्र में बिना लाइसेंस के नहीं होगा मीट व्यवसाय

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नगर निगम पार्षद कक्ष में मीट व्यापारियों के संग बैठक करते एमएनए। - फोटो : RISHIKESH
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नगर निगम की ओर से मीट व्यापारियों को 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है। निगम का का कहना है कि बिना लाइसेंस के निगम में मीट व्यवसाय नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, 31 दिसंबर से पूर्व जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में मीट व्यापारियों का दल मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखेगा।
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बृहस्पतिवार को मुख्य नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वींरियाल के पार्षद कक्ष में पार्षदों के नेतृत्व में मीट व्यापारियों का एक दल मिला। पार्षद मनीष शर्मा ने कहा कि मीट व्यापारियों को हटाने से पहले इन्हें व्यवसाय की व्यवस्था की जाए। इससे इनके परिवार का भरण पोषण सुचारू रूप से चल सके। इस पर एमएनए नरेन्द्र सिंह क्वींरियाल ने मीट व्यापारियों को 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में बिना लाइसेंस मीट का व्यवसाय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने 31 दिसंबर तक अपनी व्यवस्था अन्य जगह करने का समय दिया है।
वहीं, पार्षद मनीष मिश्रा ने कहा कि वह मीट व्यापारियों के साथ 31 दिसंबर से पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम ने निकाय चुनाव के वक्त निगम में शामिल नए ग्रामीणों क्षेत्रों को टैक्स से मुक्त किए जाने का वायदा किया था, तो मीट व्यापारियों को भी राहत दी जाए। नगर आयुक्त से मुलाकात करने वालों में पार्षद जगत सिंह नेगी, राजेन्द्र बिष्ट, देवेन्द्र प्रजापति, विजेन्द्र मोगा, भगवान सिंह, मीट व्यापारी चांदवीर, यासीन कुरैशी, सुरेन्द्र, बाबू खान, नदीम, जीशान, याशीन, नोबीन, जीशान, फईम, भूरा, हरि, राजेश उनियाल, सौराज बिष्ट, रामपाल, आशू, मोहनलाल, प्रदीप कुमार आदि शामिल रहे।
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