मिट्टी के दीयों और सजावटी सामान ने फीकी की चाइनीज सामानो की चमक
- साधारण मिट्टी के दीये 10 रुपये दर्जन, रंगीन दीये 5 से 50 रुपये तक मिट्टी के फाउंटेन 2600 से 3000 रुपये और गुल्लक 50 रुपये से शुरू
ऋषिकेश। दीपावली नजदीक आते ही तीर्थनगरी के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। इस बार मिट्टी के दीये, रंग-बिरंगे फाउंटेन, तुलसी के गमले और अन्य सजावटी सामान ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ते रुझान से चाइनीज सजावटी सामान की मांग फीकी पड़ रही है। इससे स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों को बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
मुखर्जी मार्ग और सुभाष चौक बाजार के व्यापारी आशु चड्ढा, वासु चड्ढा और कपिल प्राशर ने बताया कि दीपावली में कुछ ही दिन शेष हैं और बाजार में मिट्टी से बने उत्पादों की खूब मांग है। खासतौर पर 2600 से 3000 रुपये तक कीमत वाले मिट्टी के रंग-बिरंगे फाउंटेन ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा प्राकृतिक मिट्टी के तुलसी के गमले, स्टूल, मंदिर, हैंगिंग, माता और गणेश के आकर्षक फेस तथा रंगीन दीये भी पसंद किए जा रहे हैं।
व्यापारियों के अनुसार, साधारण मिट्टी के दीये 10 रुपये दर्जन, जबकि रंगीन दीये पांच से 50 रुपये तक बिक रहे हैं। बच्चों में मिट्टी के गुल्लकों को लेकर भी खास उत्साह है, जिनकी कीमत 50 रुपये से शुरू होती है।
व्यापारी आशु चड्ढा ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लोग मिट्टी से बने सजावटी सामान अधिक खरीद रहे हैं। वहीं, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग से स्थानीय कुम्हारों और मिट्टी के सामान बनाने वाले कारीगरों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।