03 गंगा घाट की सफाई करते स्वामी चिदानंद सरस्वती व ऋषिकुमार
- फोटो : RISHIKESH
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों विदेशी साधकों और स्पर्श गंगा के 40 से अधिक लोगों ने मिलकर स्वर्गाश्रम क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान स्वर्गाश्रम क्षेत्र, वानप्रस्थ और गंगा तटों पर साफ सफाई की गई।
स्वामी चिदानंद ने सभी को स्वच्छता ही सेवा है का संकल्प कराया। स्वच्छता अभियान के तहत प्लास्टिक, गंदे कपड़े, घाटों पर जमी रेत और नालों की सफाई की गई। उन्होंने कहा कि युवाओं के सहयोग से ही गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। ऐसे में सभी युवा अपने क्षेत्रों में जाकर अपनी गली, मोहल्ले, गांव, नाले और नदियों को स्वच्छ रखे तो वह दिन दूर नहीं जब भारत स्वच्छता का दर्शन पूरे विश्व को करा पाएगा। इसके लिए हमें स्वच्छता से जुड़ना होगा और दूसरों को भी जोड़ना होगा। स्वामी ने कहा कि स्वच्छता ही धर्म है, स्वच्छता ही सेवा है आइए स्वच्छता के संस्कारों को अपने जीवन का अंग बनाएं। उन्होने कहा कि हम स्वच्छ रहेंगे तभी स्वस्थ रह पाएंगे इससे हमारा राष्ट्र समृद्ध बनेगा। किसी भी सभ्य व विकसित समाज के लिए स्वच्छता के उच्च मानदंड़ों की आवश्यकता होती है। स्वामी ने कहा कि स्वच्छता वह गहना है इसके बिना पृथ्वी का सारा श्रृंगार अधूरा है, स्वच्छता को जन आंदोलन के साथ मन आंदोलन भी बनाना होगा तभी हम ऐतिहासिक और अप्रत्याशित बदलाव ला सकते हैं। इस दौरान सभी ने मिलकर परमार्थ परिसर में रूद्राक्ष के पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर नंदिनी त्रिपाठी, आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य दीपक शर्मा, परमार्थ परिवार के सदस्य और परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार मौजूद थे।