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जरुरतमदों को नेत्र ज्योति देने के लिए करें नेत्रदान

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एम्स में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती विशेषज्ञ - फोटो : RISHIKESH
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एम्स में शुरू किए गए नेत्र बैंक के मद्देनजर बृहस्पतिवार को सार्वजनिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नगर क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मरीजों के तीमारदारों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरुक किया। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि देशभर में प्रतिदिन विभिन्न कारणों से मृत्यु दर 26000 है। जागरुकता के अभाव में इनमें से बहुत कम संख्या में ही लोग नेत्रदान कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग मृत्यु उपरांत नेत्रदान का संकल्प लें तो महज चार महीने में जरुरतमंदों को नेत्र ज्योति मिल सकती है और कॉर्निया की कमी दूर हो सकती है।
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डॉ. ब्रह्मप्रकाश ने लोगों से नेत्रदान को लेकर जागरुक होने और दूसरों के जीवन को रोशन करने में मददगार साबित होने की अपील की। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार मित्तल और आई बैंक की मेडिकल डॉयरेक्टर डॉ. नीति गुप्ता ने बताया कि होली के पर्व पर केमिकल युक्त रंगों के प्रयोग, दीपावली पर पटाखों की चिंगारी व धुआं, दुर्घटना में चोट लगना अथवा शरीर में विटामिन ए की कमी नेत्र ज्योति जाने कारण हो सकते हैं। नेत्रदान के संकल्प से ही कॉर्निया की जरूरत को पूरा किया जा सकता है।
इस अवसर पर डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. अनुपम, डॉ. रामानुज, ऋतु अग्रवाल, सलोनी गोयल, रेखा गर्ग, ऋषि अग्रवाल, डॉ. हरीश धींगड़ा, डॉ. नारायण सिंह रावत, गोपाल नारंग, सत्येंद्र अग्रवाल, श्रीकांता शर्मा, गोपाल चमोली, दिनेश कुमार मुद्गल, रेचल रॉय, विपाष्ना रॉय, पूर्णिमा जैन, नीलम नवानी, मनोरमा, साधना पांडेय, नेहा मलिक, रचना चड्ढा, नीशा, बिंदिया चड्ढा, गुलाब सिंह, अश्वनी विश्वकर्मा, संदीप गुसांई आदि शामिल थे।
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