एक जनवरी से अर्द्धकुंभ मेला शुरू हो चुका है। बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति पर पहले स्नान के साथ ही तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। लेकिन अभी तक लापरवाह बने पीडब्लूडी नरेंद्रनगर डिवीजन को मुनिकीरेती-स्वर्गाश्रम की लाइफ लाइन शिवानंद रामझूला पुल की मरम्मत की सुध आई है।
अब जाकर विभाग महज खानापूर्ति के लिए झूला पुल पर मास्टिक परत लगाने की तैयारी में जुटा है। शिवानंद रामझूला पुल की स्थिति बेहद खराब है। करीब 222 मीटर लंबे झूला पुल के फुटपाथ पर जगह जगह बड़े गड्ढे हैं। लिहाजा लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग गड्ढों में रपटकर चोटिल हो जाते हैं।
यही स्थिति पुल पर चलने वाले दुपहिया वाहन चालकों की है। उन्हें हिचकोले खाकर जैसे तैसे पुल पार करना पड़ता है। पर्यटकों की आवागमन संबंधी इस परेशानी को अमर उजाला पहले ही प्रकाशित कर चुका है। कुछ दिन पहले विभाग ने ब्रिज के कुछ गड्ढों पर पैचवर्क किया था। लेकिन पुल की पूरी तरह से मरम्मत नहीं की गई।
अब विभाग मरम्मत के लिए अर्द्धकुंभ मेला प्रशासन को प्रस्ताव भेजने की बात कर रहा है। हालांकि, पहले भी मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन बजट जारी नहीं किया गया था। विभाग का कहना है कि बजट नहीं मिलने के कारण ही पूरी तरह से पुल का मरम्मत नहीं हो पाया था।