मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति की ओर से 29 सितंबर को आईडीपीएल से त्रिवेणीघाट तक जागरूकता महारैली का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में समिति सदस्य एकत्रित होकर सरकार से मूल निवास और सशक्त भू-कानून की मांग करेंगे।
शुक्रवार को आईएसबीटी स्थित प्रेस क्लब सभागार में मूल निवासी, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित की गई। समिति संयोजक मोहित डिमरी ने बताया कि समिति लंबे समय से प्रदेश में सशक्त भू-कानून और मूल निवास की मांग कर रही है।
इसको लेकर ऋषिकेश में महारैली का आयोजन किया गया है। जिसके तहत 29 सितंबर को सुबह 10 बजे आईडीपीएल में समिति सदस्य एकत्रित होंगे। यहां दो घंटे की विचार गोष्ठी के बाद आईडीपीएल से त्रिवेणीघाट तक जागरूकता रैली निकाली जाएगी।
कहा कि सशक्त भू-कानून नहीं होने से उत्तराखंड की शांत वादियां अपराध का अड्डा बन गई हैं। प्रदेश में ड्रग्स माफिया, भू-माफिया, खनन माफिया गोरखधंधे कर रहे हैं। इसलिए उत्तराखंड में भी हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर सशक्त भू-कानून लागू करने की जरूरत है।
इसके अलावा प्रदेश में 1950 मूल निवासी लागू होना चाहिए। साथ ही समय-समय पर मूल और स्थाई निवासी का सर्वेक्षण होना जरूरी है। कहा कि उत्तराखंड की जनता जल्द ही नहीं जागी तो भविष्य में प्रदेश दयनीय स्थिति में पहुंच सकता है। इस मौके पर प्रांजल नौडियाल, उषा डोभाल, हिमांशु रावत, एलपी रतूड़ी, मोहन रावत, शशी रावत, कुसुम जोशी आदि मौजूद रहे।