बैराज पुल के पास पुलिस को लावारिस हालात में एक बच्चा रोता बिलखता मिला। पूछताछ में उसने बताया कि परिजन उसे मारते पीटते हैं। घुमाने के बहाने यहां लाए और अनजान शहर में छोड़कर फरार हो गए। फिलहाल मासूम को लक्कड़घाट एक आश्रम ने शरण दी है।
बीते मंगलवार शाम बैराज पुल के पास गश्त के दौरान पुलिस को एक बच्चा लावारिस हालत में घूमते हुए मिला।
पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अपनी पहचान गुल्लू पुत्र पीरु गोदरा निवासी कोदमपुर, थाना चक्रधरपुर बताया। राज्य और जिला का नाम नहीं बता पाया। इस बीच बैराज पुल से गुजर रहे चंद्रेश्वर महादेव मंदिर के महंत अखिलेश भारती बच्चे को रोते देख रुक गए। पूछताछ में पुलिस ने उन्हें घटना की जानकारी दी।
महंत ने लक्कड़घाट स्थित शिव गंगा धाम के योगीराज कर्णपाल से संपर्क साधा और लावारिस बच्चे को संरक्षण में लेने की बात कही। पुलिस ने बच्चा योगीराज महाराज को सौंप दिया। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि उसके माता-पिता उससे बेवजह मारपीट करते हैं। ऋषिकेश में उसे छोड़कर चले गए। बच्चे ने अपनी उम्र साढ़े सात साल बताई है।
आश्रम संचालक योगीराज महाराज ने बताया कि वह बच्चे को उसके घर तक पहुंचाने में पुलिस की मदद करेंगे। जब तक परिजन नहीं मिल जाते, बच्चे का पालन पोषण आश्रम करेगा। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि वह आश्रम में खुश है।