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Iभोगपुर क्षेत्र के बाग में खड़े आम और कटहल के 64 पेड़ काटने की थी तैयारीI
रानीपोखरी के भोगपुर क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने बीती रात एक बाग में खड़े आम के हरे पेड़ों पर आरी चला दी गई। बाग में खड़े आम के पेड़ों की संख्या विभागीय अधिकारी अलग-अलग बता रहे हैं। बाग स्वामी पर विभाग की ओर से कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है। वन विभाग की गश्ती टीम ने रात में एक तस्कर को दबोचा। जिसे 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।
बृहस्पतिवार रात करीब डेढ़ बजे वन विभाग थानो रेंज की गश्ती टीम को बाग में 10 से 15 लोग आम के पेड़ काटते नजर आए। टीम को देखकर लोग मौके से भाग खड़े हुए। टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा तो आम के 13 पेड़ों को काटकर गिरा दिया गया था। काटे गए आम के पेड़ 10 से 15 साल पुराने बताए जा रहे हैं।
वन विभाग ने एक तस्कर को पकड़कर निजी मुचलके पर छोड़ दिया है। वहीं औजारों को जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि तस्कर बाग में 44 आम और 20 कटहल के पेड़ काटने की फिराक में थे। पेड़ों को जल्द काटा जा सके, इसके लिए अत्याधुनिक औजारों का इंतजाम किया गया था। पूरे बाग से पेड़ काटकर वहां पर प्लाटिंग की जानी थी। वन विभाग बाग स्वामी पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
Iअधिकारी कटे पेड़ों की संख्या बता रहे अलग-अलगI
सहायक उद्यान अधिकारी डोईवाला श्वेता चौहान ने बताया कि भोगपुर में बिना अनुमति के आम के 17 पेड़ काटे गए हैं। जबकि वन क्षेत्राधिकारी थानो नत्थीलाल डोभाल ने यह संख्या 13 बताई है। चार पेड़ कहां कम पड़ गए यह बताने को कोई तैयार नहीं है।
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Iभोगपुर में बिना अनुमति के 17 आम के पेड़ काटे गए हैं। उद्यान विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। फिलहाल वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए काटे गए पेड़ों को कब्जे में ले लिया है। विभाग की तरफ से भी बगीचा मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। फलदार पेड़ों को कटने से बचाया जाएगा। - श्वेता चौहान, उद्यान अधिकारी डोईवाला
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Iभोगपुर में बिना अनुमति के वन तस्करों ने 13 आम के पेड़ देर रात काटे दिए हैं। करीब एक दर्जन से अधिक तस्कर मौके से भागने में कामयाब रहे। एक तस्कर को दबोचने के बाद 50 हजार के निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। बाग स्वामी पर भी कार्रवाई की जा रही है। - एनएल डोभाल, रेंजर थानो वन रेंजI
Iप्लाॅट बेचने से पहले सुखाए जाते हैं फलदार हरे पेड़I
रानीपोखरी, डोईवाला, भोगपुर, श्यामपुर, खैरी खुर्द आदि क्षेत्राें में प्रोपर्टी डीलरों की ओर से प्लांटिंग करने के दौरान भूखंडाें (प्लॉट) की मार्किंग की जाती है। इस दौरान यदि भूखंड में कोई फलदार हरा पेड़ है तो उसे पहले उन पेड़ों को सुखाया जाता है। फिर उद्यान विभाग से सूखे पेड़ाें को काटने की अनुमति मांगी जाती है। उद्यान विभाग के अधिकारी भी अनुमति दे देते हैं। कई बार अनुमति से दोगुने पेड़ काट दिए जाते हैं। पेड़ काटने और लकड़ी को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम रात में ही किया जाता है। भूखंड खरीदने वाले व्यक्ति भी पेड़ कटने के बाद ही पूरे पैसे देने की बात कहते हैं। कई बार पैसे लंबे समय तक फंसने से बचने के चक्कर में प्रॉपर्टी डीलर बिना अनुमति के ही फलदार पेड़ों पर आरी चलवा देते हैं। विभाग में जुर्माना जमा करने के बाद प्लाटिंग वाली जमीन से पेड़ साफ हो जाते हैं। विभागीय जांच भी जुर्माना भरने के बाद बंद हो जाती है।