श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में शुक्रवार को करीब साढ़े तीन लाख कांवड़ियों ने पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर में मत्था टेका और जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। मंदिर में ब्रह्म मुर्हत से शुरू हुआ जलाभिषेक सांध्य कालीन आरती के बाद भी जारी रहा।
श्रावण मास के 11वें दिन नीलकंठ में लाखों श्रद्घालुओं ने दर्शन, पूजन और जलार्पण किया। इससे पहले तीर्थनगरी के विभिन्न घाटों पर मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी और जल भरकर नीलकंठ की यात्रा आरंभ की। इस दौरान अधिकांश श्रद्घालु बम भोले, हर-हर महादेव के जयघोष के साथ नीलकंठ धाम पहुंचे।
श्रावणमास में नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक के महात्म्य के चलते ट्रेन श्रद्घालुओं से खचाखच रही। रेलवे रोड, हरिद्वार रोड से होते हुए कांवड़ियों ने रामझूला की ओर रुख किया। रामझूला पुल पर कांवड़ियों का हुजुम उमड़ा रहा। भीड़ के चलते पुलिस प्रशासन की ओर से एकल मार्गीय व्यवस्था की गई। रामझुला से रवानगी और लक्ष्मणझूला से आमद रही। लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि अभी 19 लाख से अधिक श्रद्घालु नीलकंठ धाम पहुंच चुके हैं।
स्कूलों में दो दिन छुट्टी
कांवड़ यात्रा में श्रद्घालुओं की रिकार्ड भीड़ की संभावना के चलते प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीर्थनगरी, आईडीपीएल, रायवाला क्षेत्र के सरकारी और गैर सरकारी स्कूल, कालेज में शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित किया है। एसडीएम कुश्म चौहान ने बताया कि जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने आदेश जारी किया है। स्कूल प्रबंधन को सूचित कर दिया गया है। अब सभी स्कूल मंगलवार को खुलेंगे।