जीआईसी लक्ष्मणझूला में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में एक छात्र का सिर फट गया। वह मदद के लिए करीब आधे घंटे तक आयोजकों से मदद की गुहार लगाता रहा। लेकिन, आयोजक तमाशबीन बनकर देखते रहे। उन्होंने मदद करना भी मुनासिब नहीं समझा। यहां बता दें कि आयोजकों के पास प्राथमिक उपचार बॉक्स तक नहीं था। जबकि नियम स्वरूप प्राथमिक उपचार बॉक्स का होना बेहद जरूरी है।
जीआईसी लक्ष्मणझूला में यमकेश्वर ब्लॉक की खेल प्रतियोगिता चल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज गंगाभोगपुर का छात्र राजकुमार का सिर कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान फट गया। सुविधा नहीं होने से छात्र करीब आधा घंटे तक मदद की गुहार लगाता रहा। पर छात्र को कोई प्राथमिक उपचार नहीं मिला। ऐसे में गंगाभोगपुर के शिक्षक ने छात्र को प्राथमिक उपचार के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया।
खिलाड़ियों को खुद उठाना पड़ता है खर्चा
स्कूल प्रशासन ने बताया कि ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए स्कूल को कोई बजट नहीं मिलता। स्कूल को स्टूडेंट्स के खर्च और गैर सरकारी संस्थाओं से आर्थिक मदद की गुहार लगानी पड़ती है। आयोजित खेलों में खिलाड़ियों के पास कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों को खाने और रहने तक का खर्चा खुद उठाना पड़ता है।
प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य सरकार से मदद की दरकार
ब्लॉक स्तर क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले स्टूडेंट्स कोराज्य सरकार से कोई मदद नहीं मिलती है। यहां तक कि आयोजित स्थलों पर खिलाड़ियों के लिए प्राथमिक उपचार की भी कोई सुविधा नहीं है। संसाधनों के अभाव में खिलाड़ी जान की बाजी लगाकर खेल रहे हैं।
प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार से कोई मदद नहीं मिलती। ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक होने वाले प्रतियोगिताओं के लिए इधर-उधर से पैसा जमा करना पड़ता है। यही कारण है कि छात्र-छात्राएं खेलों में प्रतिभाग नहीं करते हैं। - अमित कोटियाल, खंड शिक्षाधिकारी यमकेश्वर।