सावन के पहले सोमवार में नीलकंठ धाम में करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पुण्य कमाया। देर शाम तक जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। उधर, तीर्थनगरी के प्राचीन शिवालयों में शिवभक्त उमड़े। समूचा क्षेत्र हर हर महादेव और बम भोले के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
सोमवार ब्रह्म मूहर्त में नीलकंठ धाम के कपाट खोले गए। जलाभिषेक के लिए आधी रात से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। कतार में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने बारी बारी से पवित्र शिवलिंग में दूध, गंगा जल, फूल आदि चढ़ाए। तड़के शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला देर शाम तक भी जारी रहा।
श्रद्धालुओं की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस मौजूद रही। नीलकंठ मंदिर समिति अध्यक्ष धन सिंह राणा ने बताया कि रात आठ बजे तक करीब 10 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे। उधर, वीरभद्र स्थित प्राचीन वीरभद्र मंदिर, चंद्रेश्वरनगर में चंद्रेश्वर महादेव, गंगानगर स्थित प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर, बनखंडी महादेव मंदिर में तड़के आस्था का सैलाब उमड़ा।