बम बम भोले, हर हर महादेव के जयघोष के साथ शुक्रवार को करीब एक लाख शिवभक्तों ने नीलकंठ महादेव मंदिर में मत्था टेका और जलाभिषेक कर पुण्य कमाया। यात्रा में पहले दिन पंचक का असर नहीं दिखाई पड़ा। देर शाम तक मंदिर में जल चढ़ाने के लिए श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। कांवड़ यात्रा में चार दिन में नीलकंठ ढाई लाख से अधिक श्रद्घालु पहुंच चुके हैं।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के चौथे दिन शिवभक्तों ने मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाई और गंगा जल लेकर नीलकंठ मंदिर की ओर रवाना हुए। लोगों ने यातायात और पैदल मार्ग से नीलकंठ मंदिर में पहुंचकर शीश नवाया।
नीलकंठ में बह्म मुर्हत से शुरु हुआ दर्शन और जलापर्ण का क्रम देर शाम सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। मंदिर समिति के अनुसार क्षेत्र में सुबह से हो रही बारिश के बाद भी श्रद्घालुओं की संख्या में कमी नहीं आई। देर शाम श्रद्घालुओं की आधा किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। मंदिर समिति अध्यक्ष धन सिंह राणा ने बताया कि श्रद्घालुुओं की सुविधा के लिए सांध्य कालीन आरती के बाद भी जलाभिषेक के लिए कपाट खोले जा रहे हैं।
बताया कि शुक्रवार से पंचक शुरू हुए, लेकिन नीलकंठ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्घालुओं की संख्या में कमी नहीं रही। पंचक में शुभ यात्राएं वर्जित रहती है। लक्ष्मणझूूला थाना प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।