उत्तराखंड जल विद्युत निगम की चीला जलविद्युत परियोजना के बैराज जलाशय और चीला शक्तिनहर में वर्षों बाद बमुश्किल शुरू हुए अनुरक्षण कार्य में राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन को हस्तक्षेप करना भारी पड़ गया। निर्माण कार्य में दखल देने के विरोध में शक्तिनहर में अनुरक्षण कार्य में जुटे श्रमिकों ने चीला बैराज स्थित चेकपोस्ट पर नेशनल पार्क प्रशासन के खिलाफ करीब आधे घंटे का जाम लगाया।
पार्क प्रशासन और जल विद्युत निगम के बीच समझौते के बाद मामला शांत हो गया। श्रमिकों के काम बंद करने से चीला शक्तिनहर में मरम्मत कार्य लगभग सात घंटे बाधित रहा। अपराह्न बाद ही कुछ देर अनुरक्षण कार्य हो सका।
बृहस्पतिवार को चीला-बैराज चेकपोस्ट में पूर्वाह्न में चीला शक्तिनहर के अनुरक्षण कार्य में जुटे श्रमिक एकत्रित हुए।
करीब तीन सौ से अधिक मजदूरों ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए चीला-हरिद्वार मोटर मार्ग पर जाम लगाया। उन्होंने कहा कि निगम के कार्य में पार्क अफसरों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर मौजूद शक्तिनहर अनुरक्षण कार्य करा रहे ठेकेदार योगेश राणा, पराग जैन, सबी आनंद ने आरोप लगाया कि नेशनल पार्क प्रशासन बिना मतलब उनके कार्य में बार-बार रुकावट पैदा कर रहा है।
पार्क प्रशासन के अधिकारियों के हस्तक्षेप के कारण शक्तिनहर के अनुरक्षण और निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नहर में मरम्मत कार्य में जुटे मजदूरों को अकारण परेशान किया जा रहा है, जो कि गलत है। नेशनल पार्क के गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल ने बताया कि पार्क क्षेत्र में चीला शक्तिनहर में काम करे रहे मजदूरों का सत्यापन नहीं हुआ है।
इसके लिए कई बार ठेकेदारों को अवगत कराया जा चुका है, बावजूद भी वह इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे। उन्होंने कहा कि नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन के नियमानुसार पार्क क्षेत्र में सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद निर्माण कार्य नहीं हो सकता। कोई भी मजदूर पार्क परिधि में अपना डेरा नहीं जमा सकता। बताया कि श्रमिकों को संबंधित जानकारियां दी गई और सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया तो मजदूर आक्रोशित हो गए।
अब नहीं करेगा पार्क प्रशासन हस्तक्षेप
गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल, जल विद्युत निगम सिविल के अधिशासी अभियंता विनोद बगोनी और परियोजना का अनुरक्षण कार्य करा रहे ठेकेदारों के बीच वार्ता हुई। इसके बाद निगम और उसके कार्य में जुटे ठेकेदारों ने पार्क प्रशासन को जल्द ही सभी मजदूरों का सत्यापन करा लेने की बात कही। पार्क प्रशासन ने कहा कि सत्यापन के बाद निर्माण कार्य में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
शाम साढ़े तीन बजे काम पर लौटे श्रमिक
पार्क प्रशासन के हस्तक्षेप से आक्रोशित मजदूरों ने बृहस्पतिवार को चीला शक्तिनहर का कार्य लगभग सात घंटे तक बंद रखा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मजदूर काम पर लौट आए। आमतौर पर श्रमिक सुबह नौ बजे से कार्य शुरू करते हैं। मगर बृहस्पतिवार को शाम करीब साढ़े तीन बजे काम पर लौटे।