कुंजापुरी नवरात्र मेले में गायक एवं युवा दिलों की धड़कन दलेर मेहंदी के साथ मंच पर हुए घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि किसी भी कलाकार का सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार अपमान किया जाना उचित नहीं है। उत्तराखंड की संस्कृति अतिथि देवो भवः की है। जिसमें अतिथि का सम्मान सर्वोपरि माना जाता है। यदि सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी से कोई त्रुटि हुई थी या उनके व्यवहार को लेकर किसी प्रकार की आपत्ति थी तो कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को उन्हें मंच के पीछे बुलाकर समझाना चाहिए था। सार्वजनिक मंच पर किसी आमंत्रित कलाकार को फटकारने से बचना चाहिए, मंच की अपनी गरिमा होती है और वहां उपस्थित हजारों लोगों के सामने किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। संवाद