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चंद्रभागा नदी किनारे झोपड़ियों को खाली करने के निर्देश

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चंद्रभागा नदी पर बसी अवैध झुग्गी झोपड़ियां। - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी के किनारे कई सालों से बसी करीब 100 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ियों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसके तहत नगर निगम और सिंचाई विभाग को एनजीटी ने नोटिस जारी कर अतिक्रमणकारियों की बेदखली के निर्देश दिए हैं। साथ ही हिदायत दी है कि 24 जुलाई तक सभी अतिक्रमणकारी अपना पक्ष नगर निगम में रखें। ऐसा न होने पर एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
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चंद्रभागा नदी तट पर करीब 15 सालों से लोग अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। वर्तमान में यहां करीब 100 झुग्गी झोपड़ियां स्थापित हो चुकी हैं। मानसून शुरू होने पर प्रशासन की ओर से अतिक्रमण को हटवाने की भी कवायद शुरू हुई लेकिन राजनीतिक दखल ने नियमों को बौना कर दिया। अब एनजीटी की ओर से मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन जज यूजी ध्यानी ने इस मामले में एक शिकायत के आधार पर संज्ञान लिया है। शिकायतकर्ता रामकृपाल गौतम की ओर से चंद्रभागा नदी में हुए अवैध कब्जे का मामला उठाया गया था। इसका संज्ञान में लेते हुए एनजीटी नगर निगम और सिंचाई विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमणकारियों की बेदखली सुनिश्चित करें।
नोटिस रिसीब नहीं कर रहे अतिक्रमणकारी
एनजीटी की ओर से सख्त निर्देश जारी होने के बाद नगर निगम सक्रिय हो गया है। अतिक्रमण के दायरे आने वाले 100 लोगों को ताबड़तोड़ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जमीनी परेशानी ये है कि अतिक्रमणकारी नोटिस रिसीव करने से मना कर रहे हैं। ऐसे में निगम कर्मचारी दीवारों पर नोटिस चस्पा करने में लगे हुए हैं।
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कोट्स
एनजीटी के आदेशों के क्रम में चंद्रभागा नदी में बसे लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है। 24 जुलाई तक सुनवाई की मियाद है। इस अवधि में जो लोग अपना पक्ष रखेंगे उनके दावे की पड़ताल होगी। जो लोग सुनवाई में नहीं आएंगे उनके बारे में यह माना जाएगा कि उन्हें अपना पक्ष नहीं रखना है। 24 जुलाई के बाद अवैध कब्जेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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चतर सिंह चौहान, नगर आयुक्त
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