विश्व कैंसर दिवस पर हिमालयन अस्पताल के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की ओर से डोईवाला, जौलीग्रांट और रायवाला आदि क्षेत्रों में कैंसर जागरूकता अभियान चलाने के अलावा शिविर आयोजित किए गए। इसमें चिकित्सकों और छात्र-छात्राओं ने लोगों को पोस्टर प्रदर्शनी और गोष्ठी आदि से कैंसर के कारण, बचाव और उपचार की जानकारियां दीं।
शुक्रवार को विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित जागरूकता अभियान में विभागाध्यक्ष डॉ. जयंती सेमवाल ने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार कैंसर दुनिया भर में मौत का दूसरा बड़ा कारण है। 2030 तक 18 मिलियन से अधिक व्यक्ति कैंसर से प्रभावित होंगे। डॉ. विदिशा बल्लभ ने बताया कि एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने कैंसर दिवस की थीम क्लोजिंग दी केयर गैप पर प्रस्तुति दी। डॉ. चंद्रा पंत और अभिनव पुंडीर ने कैंसर के विभिन्न सामान्य प्रकारों और कारकों की जानकारी दी। डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कैंसर के बचाव और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी और सर्जरी के जरिए इसका उपचार किया जा सकता है। टीम में डॉ. दीपशिखा चौधरी, डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. सृष्टि, डॉ. स्वास्तिक और डॉ. देवाशीष शामिल रहे।
एक तिहाई सामान्य कैंसर के मामलों का उपचार संभव
कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. सुनील सैनी ने बताया कि एक तिहाई सामान्य कैंसर के मामलों का उपचार संभव है। डॉ. मीनू गुप्ता ने बताया कि कई बार कैंसर के लक्षणों का पता नहीं चल पाता है। जब बीमारी का पता चलता है, तब तक रोग फैल चुका होता है। यदि वक्त रहते इसका पता चल जाए तो उपचार संभव है। इस दौरान डॉ. बीपी कालरा, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. विपुल नौटियाल, डॉ. अंशिका अरोड़ा, डॉ. अभिषेक कंडवाल और डॉ. विनय आदि ने जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।