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देशी-विदेशी श्रद्धालुओं ने ऋषिकुमारों को तिलक लगाकर मनाया भैयादूज

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02 परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानंद के सानिध्य में भैया दूज मनाते ऋषिकुमार - फोटो : RISHIKESH
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परमार्थ निकेतन में भारत सहित अनेक देशों से आए श्रद्धालुओं के साथ भैयादूज का पर्व मनाया गया। इस मौके पर देश विदेश से आए बहनों और भाईयों ने परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमार को तिलक लगाकर भगवान से उनकी खुशहाली की कामना की। भैयादूज का पर्व भाई बहन के प्रति स्नेह की अभिव्यक्ति का पर्व है। इसे यम द्वितीया या भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है।
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इस दौरान श्रद्घालुओं ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती को तिलक कर आशीर्वाद लिया। भाईदूज के अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती ने ऑर्गेनिक इंडिया के प्रमुख भरत मित्रा को तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। स्वामी ने कहा कि कार्तिक शुल्क द्वितीया को यमुना जी ने भगवान यमराज को तिलक लगाकर अपने घर पर सत्कारपूर्वक भोजन कराया था। उस दिन से यह उत्सव मनाया जाता है। भैयादूज, भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह, और समर्पण का पर्व है। इस पर्व पर बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाकर उनकी खुशहाली की कामना करती है और भाई बहनों को उनकी रक्षा का आश्वासन देते हैं। स्वामी ने कहा कि हमारे पर्व हमें आपसी प्रेम और समर्पण का संदेश देते हैं। इसी तरह का प्रेम और समर्पण अपनी प्रकृति और पर्यावरण के साथ हो तो हम उन्हें प्रदूषण से मुक्त रख सकते हैं। पेड़-पौधे हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। उनसे हमें प्रेम का रिश्ता बनाए रखना होगा तभी हम अपना और अपनी आने वाली पीढ़ियों का जीवन सुरक्षित रख सकते हैं। स्वाम ने श्रद्धालुओं को एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने व पेड़ों के पहरेदार बनने का संकल्प कराया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन में उत्सव का वातावरण रहा। कई विदेशी श्रद्धालुओं ने भैयादूज पर्व को पहली बार मनाया है।
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