समाज में बढ़ रही अराजकता से लगातार धर्म की हानि हो रही है। आसुरी शक्तियों को रोकने के लिए अपनी मातृशक्ति और युवाओं में जनजागरुकता लाना नितांत आवश्यक हो गया है। ऐसी हरिनाम कथाएं धर्म रक्षा में सहायक सिद्ध होंगी। यह बात कथावाचक पंडित शिव स्वरूप नौटियाल श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन कही।
शनिवार को गुमानीवाला के शिव मंदिर समीप सनातन संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण संवर्धन सहित जन कल्याण को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिन त्रिवेणी घाट से काफी संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कथा के मुख्य संचालक शिक्षा संस्कृति न्यास के प्रांत पर्यावरण प्रमुख विनोद जुगलान ने बताया कि यह भव्य कथा जनसहयोग से आयोजित की जा रही है। इसके माध्यम से धर्म, संस्कृति सहित सामाजिक व पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता लायी जाएगी। कथा वाचक पंडित शिव स्वरूप नौटियाल ने कहा कि समाज मे बढ़ रही अराजकता से धर्म की हानि हो रही है। इसके लिए भागवत कथा का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, धनीराम नौटियाल, टीका राम पुरवाल, पंडित जगदीश प्रसाद, प्रेम लाल कुलियाल, ओम प्रकाश अंथवाल, सतेश्वर प्रसाद ममगाईं, शिव प्रसाद रतूड़ी, जीत राम पैन्यूली, आचार्य दिलमणि, रवि कोठियाल शास्त्री, उदय प्रकाश, अजय सजवाण, विकास मैठाणी, महेश पंत, वेद प्रकाश मिश्रा, बीना भट्ट, मंगला देवी, अनिता बहुगुणा, प्रियंका भट्ट, सुनीता अंथवाल, नीलम पुरसोड़ा, रजनी सजवाण, अनिता रावत, विजय लक्ष्मी, आशा भट्ट, उर्मिला रौतेला आदि उपस्थित रहे।