एक घरेलू महिला ने सामाजिक परिवेश में बढ़ते शराब के चलन, खासकर विवाह समारोह में कॉकटेल की अपसंस्कृति को खत्म करने का संकल्प लिया और इसके लिए अकेले ही आगे बढ़ी। इसके बाद लोग उनसे जुड़ते चले गए और इस कुरीति के खिलाफ कारवां बन गया।
पांच साल पहले मुहल्ले से शुरू की गई समाजसेवी कुसुम जोशी की कॉकटेल विरोधी मुहिम अब आसपास के गांव और शहरों से इतर दूसरे प्रांतों तक भी पहुंच चुकी है। वह कॉकटेल के खिलाफ लोगों को सतत रूप से जागरूक करने में जुटी हैं और धीरे धीरे समाज में इसकी असर भी नजर आने लगा है।
तीर्थनगरी के समीपवर्ती खदरी श्यामपुर गांव से तत्कालीन महिला मंगल दल अध्यक्ष कुसुम जोशी ने शराब से बिखरते परिवारों की पीड़ा की महसूस करते हुए शादी-विवाह समारोह में कॉकटेल के नाम पर खुलेआम बार लगाकर शराब परोसे जाने के खिलाफ 2010 में व्यक्तिगत तौर पर मुहिम शुरू की।
शुरुआती दौर में उनके साथ दल के सदस्य और ग्रामीण जुटे और अभियान आगे बढ़ा। धीरे धीरे यह मुहिम दूसरे शहरी गांवों से होते हुए पहाड़ के गांवों और कस्बों तक जा पहुंची। इन दिनों वह दूसरे प्रांतों में में भी कॉकटेल की अपसंस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करने को अभियान चला रही हैं।
बकौल कुसुम हम लोग ऐसे परिवारों से संपर्क करते हैं जिनके यहां विवाह कार्यक्रम होने वाले हैं। परिवार के लोगों से मेहंदी रश्म पर कॉकटेल पार्टी और शराब नहीं परोसने का आग्रह किया जाता है। उन्होंने बताया कि गिने चुने परिवारों को छोड़ दें तो अधिकांश परिवारों ने हमारे आग्रह को स्वीकार करते हुए मुहिम को भी सराहा।
उन्होंने विवाह में कॉकटेल पार्टी नहीं की, जिससे हमें आगे बढ़ने का हौसला मिला। उन्होंने बताया कि ऐसे परिवारों की संख्या अब सैकड़ों हो चुकी है। धीरे धीरे लोगों ने उनकी पहल को न सिर्फ सराहा बल्कि, मुहिम से जुड़ने का भी संकल्प लिया।
लोगों को दिलाती हैं कॉकटेल नहीं करने की शपथ
कुसुम जोशी मुहिम के शुरुआती दौर में घर परिवारों में जाकर लोगों से विवाह समारोह में कॉकटेल नहीं करने की जुबानी अपील करती थीं। लेकिन अब ऐसे परिवारों से बाकायदा शपथपत्र भरवाया जाता है।
इन संस्थाओं ने किया सम्मानित
ऋषिकेश। समाजसेवी कुसुम को सबसे पहले उनके शराब कॉकटेल विरोधी मुहिम के लिए 2012 में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सम्मानित किया। इसके बाद उन्हें 2015 में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने सम्मानित किया। इसके अलावा कुसुम को गढ़वाल महासभा, गंगा समिति, गेंद मेला समिति तेड़ों, यमकेश्वर, क्रेजी फेडरेशन संस्था, नगर पालिका ऋषिकेश, स्व. चंद्रमोहन सिंह नेगी विचार मंच, लक्ष्मणझूला स्वर्गाश्रम, एबीवीपी श्यामपुर इकाई, पशुराम महासभा, युवा ब्राह्मण जागृति मंच, रुड़की हरिद्वार आदि संस्थाएं सामाजिक सरोकारों के लिए सम्मान से नवाज चुकी हैं।