- 2026 में अब तक मिला सिर्फ एक मरीज, उपजिला अस्पताल में 10 बेड का डेंगू वार्ड तैयार
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त मुहिम का असर अब आंकड़ों में नजर आने लगा है। राजकीय उपजिला चिकित्सालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार कमी आई है।
वर्ष 2024 में 108 मरीज डेंगू से संक्रमित मिले थे जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 52 रह गई। वहीं, वर्ष 2026 में अब तक डेंगू का केवल एक मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती इस मरीज का उपचार किया गया और स्वस्थ होने के बाद उसे घर भेज दिया गया। हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए एसपीएस राजकीय उपजिला चिकित्सालय प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पताल के फीमेल वार्ड में संभावित डेंगू मरीजों के उपचार के लिए 10 बेड का अलग वार्ड तैयार रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा सकती है। मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए वार्ड में मच्छरदानी और अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
घर-घर सर्वे और फॉगिंग से रोकथाम
डेंगू की रोकथाम में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। टीमों ने निगम क्षेत्र में घर-घर सर्वे, जनजागरूकता अभियान और पानी जमा होने वाले स्थानों को चिह्नित करने का काम किया। ऐसे स्थानों पर समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग भी कराई गई।
- अस्पताल में डेंगू का एक मामला आया था, उपचार के बाद मरीज को घर भेज दिया गया है। अस्पताल में डेंगू वार्ड सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई है। डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस, राजकीय उपजिला चिकित्सालय।