हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने अर्द्घकुंभ मेले की व्यवस्थाओं में व्यस्तता के बहाने रसूखदारों को गुपचुप अवैध निर्माण की छूट दे दी है। लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा के प्रतिबंधित दायरे में बिना मानचित्र की स्वीकृति के हो रहा अवैध निर्माण इसकी तस्दीक कर रहा है।
वहीं, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के अफसर कार्रवाई करने की बजाए कभी अवैध निर्माण के संज्ञान में नहीं होने और कभी अर्द्धकुंभ मेला में व्यस्तता का बहाना बना रहे हैं। लक्ष्मणझूला क्षेत्र में प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध निर्माण कार्य चल रहा है।
हैरत की बात यह है कि मामला हरिद्वार विकास प्राधिकरण और पौड़ी जिला प्रशासन के संज्ञान में होने के बावजूद संबंधित अधिकारी मूक बने बैठे हैं। गौरतलब है कि लक्ष्मणझूला में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए हो रहे भवन निर्माण को सितंबर 2015 में एचडीए ने अवैध करार देकर सील कर दिया था।
लेकिन विभागीय मिलीभगत से बिना अनुमति के बंद सील खुल गई और अवैध निर्माण फिर से शुरू कर दिया गया। शुक्रवार को अमर उजाला ने ‘सीलिंग तोड़ हो रहा अवैध निर्माण’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। तब अफसरों ने ऐसे किसी निर्माण कार्य पर अनभिज्ञता जताई थी।
साथ ही ऐसा होने पर उचित कार्रवाई का दावा भी किया था। लेकिन रविवार को अफसरों ने अर्द्धकुंभ मेले में व्यस्तता का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। इस बाबत एचडीए के उपाध्यक्ष डॉ. एसए मुरुगेशन से संपर्क करने पर उनका फोन रिसीव नहीं हो पाया।
अर्द्धकुंभ मेले में व्यस्तता के चलते इस ओर ध्यान नहीं दे सके। अवर अभियंता को निर्माण स्थल पर भेजकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।-विजय माथुर, सहायक अभियंता एचडीए