नीलकंठ मंदिर परिसर में बना डेढ़ सौ वर्ष पुराने समाधि स्थल को बुधवार सुबह पौड़ी पुलिस प्रशासन ने दर्शनों के लिए बंद कर दिया। समाधि स्थल को बंद करने का कारण स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन के सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हाथ खड़ा करना बता रहे हैं। ऐसे में शिवधाम पहुंचने वाले हजारों शिवभक्त समाधि स्थल के दर्शन करने से वंचित हो रहे हैं।
नीलकंठ मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि डेढ् सौ वर्ष पहले मंदिर परिसर में महंत लक्ष्मण भारती महाराज का समाधि स्थल बनाया गया था। मंदिर के पहले मंहत होने के कारण लाखों श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद उनके दर्शन करते हैं, लेकिन बीते दो दिन से शिवभक्त उनके दर्शनों से वंचित हैं। श्रावणमास कांवड़यात्रा के चलते मंदिर परिसर में हो रही लगातार चोरी की घटनाओं को रोकने में पुलिस प्रशासन नाकाम साबित हो रही है।
बताया जा रहा है कि आए दिन हो रही चोरियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने ऐसा कदम उठाया है। हैरत की बात है कि मेले के दौरान सैकड़ों पुलिस जवानों की तैनाती और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था धूल फांक रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाने के बजाय पुलिस प्रशासन समाधि स्थल को बंद कर रही है।
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नीलकंठ में समाधि स्थल दर्शनों के लिए बंद करने की जानकारी संज्ञान में नहीं आया है। वह क्यों बंद किया गया जानकारी लेने के बाद ही वास्तविक स्थिति बता पाऊंगी।
-निवेदिता कुकरेती, एसएसपी पौड़ी।