बिजली गिरने से पहले श्रमिक यदि ट्रैक्टर-ट्राली के नीचे नहीं दुबकते तो कई अन्य जानें चली जाती। दरअसल, बारिश से बचने के लिए मजदूर पांच मिनट पहले ही ट्रैक्टर ट्राली के नीचे आकर बैठ गए थे, बिजली ट्रैक्टर ट्राली पर गिरी।
वन विकास निगम के धर्मूचक खनन गेट का दायरा छह किमी अंदर तक फैला हुआ है। सोमवार को जब हादसा हुआ तो श्रमिक खनन तौल कांटे से काफी दूरी पर थे। बारिश और तेज हवाओं के चलने पर उन्होंने लौटने के बजाए ट्रैक्टर ट्राली के नीचे बैठना उचित समझा।
खनन श्रमिकों की माने तो अभी ट्राली के नीचे आए महज पांच दस मिनट भी नहीं हुए थे कि भीषण आवाज के साथ व्रजपात ट्राली की ओर गिरा। चंद सेकेंड तक बिजली चमकी और उसके बाद अंधेरा छा गया। इस दौरान उन्हें कुछ भी नहीं दिखा।। मृतक रविंद्र सबसे साइड में होने के कारण वह बिजली की चपेट में आ गया।
जबकि बिजली ने सभी लोगों को झुलसा दिया। खनन मजदूर विजयपाल और रामाशीष ने बताया कि यदि ट्राली उनके सिर पर न होती तो शायद बिजली कई लोगों की मौत का कारण बन जाती है। बिजली गिरने से खनन श्रमिक दहशत में है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी श्रमिक काफी समय तक श्रमिक बेसुध रहे। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार ऐसी आपदा आने पर मनुष्य को सामान्य होने में कुछ वक्त लग जाता है।
श्रमिकों को मुआवजा देने की मांग
डोईवाला। खनन श्रमिकों पर बिजली गिरने की घटना के बाद खनन कारोबारियों ने वन विकास निगम और तहसील प्रशासन से सभी प्रभावित मजदूरों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। कहा कि श्रमिकों को तत्काल आर्थिक मदद मिलनी चाहिए।
सोमवार को धर्मूचक में बिजली गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई है। जबकि अन्य सत्रह लोग झुलस गए है।। प्रशासन की ओर से केवल मृतक को चार लाख की मुआवजा राशि दी गई। अन्य प्रभावितों को देर शाम आर्थिक मदद नहीं मिलने पर खनन कारोबारियों ने तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। खनन से जुड़े श्रमिक नेता चंद्रभान, अमरीक सिंह बिल्ला, संजय पाल ने कहा कि खनन श्रमिक दूरस्थ इलाकों से यहां रोजी रोटी के लिए आते है। वन विकास निगम और जिला प्रशासन को सभी को मदद देनी चाहिए। मारखम ग्रांट ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह और जीवनवाला ग्राम प्रधान सुंदर दास ने कहा कि मुआवजे की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष भी की जाएगी।
मृतक के परिजनों को चार लाख का मुआवजा
डोईवाला। धर्मूचक खनन क्षेत्र में बिजली गिरने से अकाल मौत का शिकार हुआ रविंद्र के परिजनों को तहसील प्रशासन ने चार लाख का चेक दैवी आपदा के तहत दिया है। एसडीएम शालिनी नेगी और तहसीलदार अमृता शर्मा ने घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला और हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट पहुचंकर झुलसे हुए श्रमिकों की कुशलक्षेम पूछी। डाक्टरों को भर्ती घायलों को बेहतर उपचार करने को कहा।
पूर्व मंत्री त्रिवेंद्र रावत पहुंचे पीड़ितों का हाल जानने
धर्मूचक में बिजली गिरने से झुलसे मजदूरों का हाल जानने पूर्व कैबिनेट मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी अस्पताल पहुंचे। रावत ने जिलाधिकारी से खनन श्रमिकों को उचित मदद देने को कहा है। कहा कि पीड़ितों की हर स्तर पर मदद की जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान नरेंद्र नेगी, विजय बख्शी, चंद्रभान आदि लोग मौजूद रहे।