शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को आजीविका के अवसरों में वृद्धि करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना की फाइलें पिछले दो सालों से आलमारी में रखी-रखी धूल फांक रही हैं। यहां अर्जियां तो जमा कर ली गई, लेकिन अब तक स्क्रूटनी के लिए बैठकों की नौबत ही नहीं आ पाई है।
योजना के तहत आवेदक को स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपये का ऋण ब्याज सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराया जाता है। इसी के तहत तीर्थनगरी के लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ नगर निगम में आवेदन किया। दो साल बीत जाने के बाद भी निगम की ओर से स्क्रूटनी बैठक नहीं बुलाई गई, जिसके कारण लोगों की उम्मीदें खत्म होती जा रही हैं। इस समय निगम की आलमारियों में करीब डेढ़ हजार फाइलें जमा हो चुकी हैं। हालत ये हैं कि लगातार फाइलों का बोझ बढ़ता जा रहा है।
स्क्रूटनी बैठक में कौन होते हैं शामिल
ऋषिकेश। दीन दयाल अंत्योदय योजना का लाभ उठाने के लिए आए आवेदनों की स्क्रूटनी के लिए लीड बैंक अधिकारी, प्रबंधक जिला उद्योग बोर्ड, सहायक नगर आयुक्त, संबधित बैंक अधिकारी बैठक में शामिल होते हैं। इस दौरान फाइलों की स्क्रूटनी होती है। सभी औपचारिकताएं पूरी करने वाले आवेदनों को मंजूरी दी जाती है।
कोट्स
ये मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है। इस मामले में सहायक नगर आयुक्त से बात करें। फिलहाल मुझे ऐसी किसी योजना और लंबित फाइलों के बारे में जानकारी नहीं है।
- चतर सिंह चौहान, नगर आयुक्त